
मुंबई./दि.31 – सिजेरियन डिलेवरी के दौरान महिला के पेट में कपडा छोड देने के मामले में एक निजी अस्पताल के तीन डॉक्टरों और नर्स के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. मामले में शिकायर्ता महिला भी डॉक्टर है. यह घटना थाने के ज्यूपीटर अस्पताल में हुई.
थाने के सिवीर सर्जन की रिपोर्ट के आधार पर वर्तक नगर पुलिस स्टेशन में दोषी डॉक्टरों व नर्स पर अपराध दर्ज किया गया है. आरोपियों मेें सर्जन डॉ. आशुतोष अंजनगावकर, सहायक सर्जन डॉ्. सुप्रिया महाजन, एनेस्थेटिस्ट डॉ. चिन्मयी गडकरी और ऑपरेशन थिएटर में कार्यरत नर्स का समावेश है. सातारा निवासी 31 वर्षीय मृण्मयी देवेकर का मई 2020 में ज्यूपीटर अस्पताल में सिजेरियन हुआ था. कुछ दिनों बाद उन्हें पेट में असहनीय दर्द शुरु हो गया. डॉ. अंजनगावकर ने कई बार इसकी जानकारी अस्पताल को दी. लेकिन उन्होंने राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाया. जिसके बाद दिवेकर ने खूद सीटी कैन करवाया तो पता चला कि, उनके पेट मेें ऑपरेशन के समय इस्तेमाल किया गया कपडा व धातू का तुकडा रह गया है. इसे निकालने के लिए दिवेकर को दुसरा ऑपरेशन कराना पडा. लेकिन पेट में लंबे समय से मौजूद इन वस्तुओं के चलते उनके कई अंगों को नुकसान पहुंचा था. इस मामले में और देरी होती, तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता था. सर्जरी के दौरान उनका फैलोपीएन टूब भी डॉक्टरों को निकालना पडा. डॉक्टरों की इस घोर लापरवाही से नाराज महिला ने मामले की शिकायत पुलिस में दी. जिस पर पुलिस ने तीन डॉक्टरों और नर्स पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरु की है.