महाराष्ट्रयवतमाल

मादा बाघ के गले में फिर अटका फांस

बाघों की सुरक्षा पर लग रहे सवालिया निशान

* तार की फांस से बाघों की जान खतरे में
* जंगल में शिकारी गिरोह के सक्रिय रहने का संदेह
यवतमाल /दि. 25- टिपेश्वर अभयारण्य में एक मादा बाघ के गले में तार की फांस अटकने घटना ताजी रहने के बीच अब पांढरकवडा वनविभाग के मुकुटबन वनपरिक्षेत्र अंतर्गत ‘टी-9’ नामक मादा बाघ के गले में तार की फांस अटकने की घटना सामने आई है. इस मादा बाघ के भी छोटे-छोटे शावक है. एक के बाद एक मादा बाघों के गले में तार की फांस अटकने की घटनाएं घटित होने के चलते अब यह संदेह जताया जा रहा है कि, संभवत: इस क्षेत्र में शिकारियों का कोई गिरोह सक्रिय है.
जानकारी के मुताबिक पांढरकवडा वन विभाग के मुकुटबन वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले पवनार गांव के निकट एक मादा बाघ के गले में तार का फांस लगा दिखाई दिया था. पहले इस मादा बाघ के टिपेश्वर अभयारण्य की रहने का अनुमान वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा लगाया गया था. लेकिन बाद में यह जानकारी सामने आई कि, पवनार परिसर में दिखाई दी मादा बाघ ‘टी-9’ है.

* रेस्क्यू टीम पहुंची
टिपेश्वर व पांढरकवडा परिसर में वन्यजीवों की संख्या अच्छी-खासी है. यहां पर खरगोश, हिरण व मोर जैसे प्राणियों की शिकार करने के साथ ही अब शिकारियों ने बाघों की शिकार करने की ओर अपना मोर्चा मोड दिया है. टिपेश्वर में ‘पीसी’ नामक मादा बाघ के गले में अटकी तार की फांस को निकालकर उसका रेस्क्यू करते हुए उसका इलाज करने में रेस्क्यू टीम को कोई सफलता नहीं मिली है. वहीं अब ‘टी-9’ मादा बाघ के गले में फंसी तार की फांस को निकालकर उसका इलाज करने हेतु रेस्क्यू टीम इस परिसर में दाखिल हो गई है, ऐसी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई है.

* दोनों फांस एकसमान
विशेष उल्लेखनीय है कि, जिस तरह की तार का फांस ‘पीसी’ मादा बाघिन के गले में फंसा दिखाई दिया था, लगभग उसी तरह का फांस ‘टी-9’ मादा बाघ के गले में फंसा दिखाई दिया है. जिससे सहज अनुमान लगाया जा रहा है कि, इस जंगल क्षेत्र में शिकार हेतु सक्रिय रहनेवाले शिकारियों के गिरोह द्वारा बाघों को फांसने हेतु जगह-जगह पर एक जैसे फांस लगाए गए है.

* उपवनसंरक्षक का पद रिक्त
– पांढरकवडा वन विभाग के उपवनसंरक्षक का पद विगत 6 माह से रिक्त है तथा प्रभारी उपवनसंरक्षक वायबसे विगत 6 माह से यवतमाल में बैठकर यहां का कामकाज देख रहे है. ऐसे में जंगल परिसर में हो रही अवैध वृक्ष कटाई व शिकार की ओर प्रभारी उपवनसंरक्षक द्वारा ध्यान ही नहीं दिया जा रहा.
– कुल मिलाकर पांढरकवडा वन विभाग में उंट पर बैठकर बकरियां चराने वाला मामला चल रहा है. जिसके चलते वन विभाग क्षेत्र अंतर्गत रहनेवाले बाघों की जान के लिए खतरा पैदा हो गया है.

* जंगल परिसर में एक मादा बाघ घायल है, यह बात ध्यान में आते ही ट्रैप कैमरे के जरिए उस मादा बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. फिलहाल ट्रैप कैमरे के जरिए मिले फोटो के आधार पर जख्म बहुत बडी दिखाई नहीं दे रही. लेकिन रेस्क्यू टीम की सहायता इस मादा बाघ को ट्रैक करते हुए उसका इलाज किया जाएगा.
– तुलसीराम सालुंके
वनपरिक्षेत्र अधिकारी, मुकुटबन.

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