
* 9 साल में देश में बदल गया ट्रेंड
मुंबई/दि.27– कोरोना काल के बाद पर्सनल जीवन बीमा लेनेवालों की संख्या बढी होगी ऐसा लोगों को लगता होगा. लेकिन बीमा नियामक इरडा की हाल ही में वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक पर्सनल जीवन बीमा खरीदने वाले 2013-14 के मुकाबले 2022-23 में 30 प्रतिशत कम हो गए है. 2013-14 में देशभर में पर्सनल जीवन बीमा खरीदने वालों की संख्या 4.08 करोड थी. जो 2022-23 में कम होकर 2.84 करोड रही. महाराष्ट्र राज्य में यह संख्या करीबन 38 प्रतिशत कम हुई है. मध्य प्रदेश में 24 प्रतिशत और राजस्थान में 30 प्रतिशत कम हुई है.
हालाकि इन 9 सालों के दौरान ग्रुप इन्शुरंस के आंकडे बढे है. 2013-14 में 9.4 करोड लोग इसके दायरे में थे. जो 2022-23 में 26.67 करोड हो गए. इसक बडी वजह यह है कि, इसमें केंद्र सरकार द्वारा मायक्रो इन्शुरंस स्किम के लाभार्थी भी है. विशेष बात यह है कि, इस दौरान प्राईवेट बीमा कंपनियों के पर्सनल लाईफ कवर बढे है. लेकिन बाजार में 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी सरकारी कंपनी की है. जिसकी पॉलिसी की संख्या 9 साल में 41 प्रतिशत घटी है. देश की सबसे बडी बीमा कंपनी एलआईसी की 2013-14 में 3.45 करोड पॉलिसी थी. जो 2022-23 में 2.04 करोड रह गई. कुल पॉलिसी में एलआईसी की हिस्सेदारी 2013-14 में 84.43 प्रतिशत थी. अब यह घटकर 71.75 प्रतिशत रह गई है. इस दौरान प्राईवेट कंपनियों की लाईफ कवर पॉलिसी में हिस्सेदारी 15.56 प्रतिशत से बढकर 28.42 प्रतिशत पर पहुंच गई है.
* 11 राज्यो में केवल हरियाणा में पर्सनल बीमा लेनेवाले बढे
राज्य 2022-23 2013-14
यूपी 36.03 46.56
महाराष्ट्र 32.60 52.66
बिहार 16.65 24.20
राजस्थान 14.89 21.30
एमपी 12.08 15.85
हरियाणा 08.65 07.03
दिल्ली 07.61 12.89
झारखंड 06.65 08.37
पंजाब 06.14 09.16
छत्तिसगढ 05.60 07.93
भारत 284.70 408.35
(जीवन बीमा वालों के आंकडे लाख में)
* बीमा प्रिमीयम 9 साल में 400 प्रतिशत महंगा
2022-23 में 2.8 करोड बीमा पॉलिसी से 1.44 लाख करोड का प्रिमीयम आया था. यानी प्रति पॉलिसी 50 हजार 850 रुपए प्रिमीयम था. 2013-14 में 4.08 करोड बीमा पॉलिसी से 60956 करोड का प्रिमीयम मिला. इस पॉलिसी का औसतन सालाना प्रिमीयम 12 हजार 568 रुपए था.
* इस कारण कंपनियों की कमाई बढी
2013-14 में बीमा कंपनियों को 3.14 लाख करोड का प्रिमीयम मिला. 2022-23 में बीमा प्रिमीयम 149 प्रतिशत बढकर 7.82 लाख करोड रुपए रहा. एलआईसी को मिलनेवाला प्रिमीयम 9 साल के दौरान 100 प्रतिशत बढा. जबकि प्राईवेट बीमा कंपनियों में यह बढोतरी करीबन 300 प्रतिशत की रही.
* ग्रामीण क्षेत्र से निकलेगा ग्रोथ का मार्ग
बीमा कारोबार में अनेक बदलाव आए है. महामारी के बाद अब ज्यादा फोकस ऑनलाईन पर है. बीमा कंपनियों को जरुरत है कि, वें ग्रामीण क्षेत्रो पर फोकस करे. इससे ग्रोथ लौट सकती है.
– केसपर्स, क्रोमहाऊट, एमडी, सीईओ, श्रीराम लाईफ इन्शुरंस.