
मुंबई/दि.9 – उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से संबंधित लोगों और करीबियों पर आयकर विभाग की छापेमारी पर पवार परिवार भड़क गया है. शुक्रवार को सोलापुर में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अजीत से संबंधित लोगों के पास सरकारी मेहमान (आयकर क अफसर) भेजा है. हमें सरकारी मेहमानों की चिंता नहीं है. केन्द्र सरकार की सत्ता का दुरूपयोग करनेवाला भाजपा को जनता सबक सिखाए बिना नहीं रहेगी.
पवार ने कहा कि मैंने उत्तरप्रदेश व लखीमपुर खीरी की हिंसा की तुलना बिट्रिश शासन के दौरान भारत में हुए जलियावाला बाग हत्याकांड से की थी. इसके बाद यह छापेमारी हुई है. पवार ने कहा कि मुझे दिल्ली के एक सत्ताधारी मित्र ने बताया कि साहब आपके सबसे अच्छे संबंध हैे. लेकिन आपका लखीमपुर हिंसा की तुलना जलियावाला बाग से करना पसंद नहीं आया. इसलिए आपके यहां मेहमान भेजे गये है. पवार ने कहा कि लखीमपुर खीरी में भाजपा के नेताओं ने किसानों के शरीर पर गाडी चलाकर उनकी हत्या करने का पाप किया है. इसके विरोध में महाविकास आघाडी के तीनों दलों ने 11 अक्तूबर को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है.
– छत्रपति का नाम लेकर भाषण करनेवाले भाजपा के नेता उनके ही विचारों की अनदेखी कर रहे है. पर केन्द्र और दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र कभी नहीं झुका है और न ही झुकेगा।
सुप्रिया सुले, सांसद, राकांपा
-आयकर विभाग की छापेमारी की कार्रवाइ पूरी होने के बाद ही अपना बयान जारी करूंगा। मैं कभी भागकर नहीं जाऊंगा। मीडिया के हर सवाल का जवाब दूंगा।
अजीत पवार, उपमुख्यमंत्री
– उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से संबंधित लोगों के घरों और कार्यालय पर आयकर की छापेमारी को भाजपा से जोड़ना हास्यापद है । पवार का यह दावा है कि उन्होंने लखीमपुर खीरी हिंसा के बारे मेें टिप्पणी की थी, इसलिए आयकर के छापे पड़े है. यह तो बड़ा मजाक है।
चंद्रकांत पाटिल, अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा