
मुंबई/दि.7– नांदेड शासकीय अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने से सुविधा पर अतिरिक्त तनाव आन पडा और निजी अस्पताल से यहां आए मरीजों की हालत और बिगड गई थी, ऐसा दवा करते हुए सरकार ने अपना पक्ष संभालने का प्रयास किया. इस पर आप सरकार को इस कारण आपको जिम्मेदारी से भागते नहीं आ सकता. सार्वजनिक सेवा का बोझ आप निजी अस्पतालों में नहीं डाल सकते इस तरह हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई.
मुख्य न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति अरीफ डॉ. की बेंच के सामने शुक्रवार 6 अक्तूबर को यह सुनवाई हुई. इस अवसर पर राज्य सरकार की तरफ से महाअधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने पक्ष रखा.
* जगह रिक्त रखना नामंजूर
कनिष्ठ डॉक्टरों के 325 मंजूर पदों में से 273 पद भरे गए हैं. जबकि 97 वरिष्ठ डॉक्टरों के मंजूर पदों में से 49 पद भरे गए हैं. 50 प्रतिशत पद रिक्त है. इस कारण ऐसे स्थानों पर एक भी पद रिक्त रखना मंजूर नहीं है, ऐसा कोर्ट ने कहा.
* मृत्यु की संख्या 66 हुई
नांदेड शासकीय अस्पताल में शुक्रवार सुबह तक और 11 लोगों की मृत्यु हो गई. इसमें चार बालकों का समावेश है. इस कारण मृतकों की संख्या अब 66 हो गई है.