महाराष्ट्र का कृषि निर्यात 47 हजार करोड के पार, पिछले साल से 6 हजार करोड ज्यादा
9500 करोड के फल विदेश भेजे गये, अंगूर, संतरा, अनार की मांग

पुणे /दि.20 – केंद्र सरकार के अमेरिका और युरोपियन यूनियन से कृषि क्षेत्र में किये गये अनुबंधों का असर महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्रों पर क्या पडेगा. यह तो आने वाला समय बताएगा. लेकिन वर्तमान स्थिति को देखे तो राज्य में लगातार निर्यात बढ रहा है. पिछले कुछ सालों के आंकडों को देखे तो पाएंगे. हर साल महाराष्ट्र कृषि क्षेत्र में निर्यात की दृष्टि से विकास ही कर रहा है. साल 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 6 हजार करोड रुपए के उत्पादों का ज्यादा निर्यात किया गया है. चालू वित्तीय वर्ष के आंकडे इकठ्ठे किये जा रहे है.
अधिकारियों का दावा है इस साल यह आंकडा 50 हजार करोड के पार पहुंचेगा. भले ही अमेरिका का टैरिफ या बंग्लादेश की स्थिति भारत के लिए अनुकुल नहीं रही है. महाराष्ट्र से आने वाले फलों में आम, केला, अंगूर, संतरा, अनार की विदेशों में ज्यादा मांग है. कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पुन: अपनी वैश्विक पहचान सिद्ध की गई है. राज्य की विविध जलवायु तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभाव से वित्तीय वर्ष 2024-25 में कृषि निर्यात 47,147 करोड रुपए पर पहुंच गया है.
साल 2022-23 में 39,944 करोड और 2023-24 में 40,898 करोड की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक गति मिली है. 2024-25 में फलों का निर्यात 9,500 करोड तक पहुंच गया है. राज्य में आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, बागवानी विकास प्रसंस्करण उद्योग का विस्तार, कोल्ड स्टोरेज एवं लॉजिस्टीक्स में सुधार से यह विकास देखने को मिल रहा है.
अमेरिका, यूएई, यूके सहित कई देशों में निर्यात : फलों का राजा आम और अंगूर का आकर्षण विदेशों में बडे पैमाने पर है. केले भी काफी पसंद किये जाते है. अमेरिका, यूएई, हाँगकाँग, बेल्जियम, यूके, चीन, इटली, निदरलैंड, जर्मनी और मैक्सिको इन देशों में बडी मात्रा में महाराष्ट्र से उत्पाद निर्यात किये जाते है. अल्फान्सों आम और नाशिक से अंगूर मिडल इस्ट, यूरोप और ऑस्टेलिया में भेजे जाते है. अमेरिका में ज्यादातर केले, अनानस, अंगूर, आम, स्ट्रॉबेरी और नीबू भेजे जाते है. बंगला देश को राज्य से कच्चा कपास, चावल (गैर-बासमती सहित), गेहू, चीनी, मसालें (हल्दी, लाल मिर्च), खाने का तेल और ताजी सब्जियां और फल निर्यात किये जाते है.
* नागपुर के संतरे की भी मांग
नाशिक के अंगूर और जलगांव के केले तथा कोंकण का हापूस आम यूरोप एवं खाडी देशों में अत्याधिक लोकप्रिय है. सांगली की किशमिश भी इसमें शामिल है. नागपुर के संतरे और सोलापुर के अनार की भी विदेशों में हमेशा मांग रहती है.
* पुणे का प्याज भी भेजा जाता है विदेश में
चावल भी काफी मात्रा में निर्यात होता है. पुणे, कोंकण, अहिल्यानगर व नाशिक प्रमुख निर्यातक है. गैर-बासमती चावल के निर्यात से पिछले साल 6,613 करोड का राजस्व प्राप्त हुआ है. नाशिक और पुणे के प्याज का भी निर्यात विदेशों में किया जाता है.
* मांस एवं दुग्ध उत्पाद
पशुधन उत्पादों में विशेषत: बोनलेस मांस के निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 10,300 करोड तक पहुंच गया है. मक्खन, घी, पनीर तथा दुध पॉउडर जैसे मूल्यवर्धीत दुग्ध उत्पादों की मांग दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बढ रही है.





