महावितरण की होगी आर्थिक पुनर्रचना

32,679 करोड रुपए के सरकारी बाँड होंगे जारी

* कैबिनेट बैठक में हुआ महत्वपूर्ण फैसला
* पांच बड़े फैसले हुए, डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
मुंबई/दि.7 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और प्रशासन को गति देने वाले कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में ऊर्जा, आपदा प्रबंधन, तकनीक और प्रशासनिक सुधार से जुड़े 5 बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई. जिसमें सबसे प्रमुख फैसला महावितरण की आर्थिक पुनर्रचना से संबंधित रहा. राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाएगी. करीब 32,679 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए सरकारी बॉन्ड बाजार में लाए जाएंगे और कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा. साथ ही कृषि वितरण को अलग किया जाएगा.
इसके अलावा महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर को अब सोसायटी एक्ट 1860 से हटाकर कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा. इससे नगर नियोजन, जल प्रबंधन, भूजल, खनन और कृषि तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी. साथ ही भू-स्थानिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र जिओटेक्नोलॉजी एप्लिकेशन सेंटर (महाजिओटेक) नाम से नई कंपनी बनाई जाएगी. इससे छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म मिलेगा.
कैबिनेट बैठक में आपदा प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र रेस्पॉन्सिव डेवलपमेंट प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है. इसमें विश्व बैंक की मदद से करीब 165 करोड़ रुपये का फंड मिलेगा. इससे आपदा प्रभावित लोगों को राहत, सस्ते कर्ज और बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष योजना को मंजूरी दी गई है. जिसके तहत कोल्हापुर, सांगली और इचलकरंजी समेत कृष्णा नदी क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए विशेष ड्रेनेज और प्रिवेंटिव प्लान तैयार किए जाएंगे.
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी.

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