अकोला में शिवसेना उबाठा को बडा झटका
जिला प्रमुख काले सहित 4 पार्षदों ने किया शिंदे सेना में प्रवेश

* मुंबई में डेप्युटी सीएम शिंदे से की मुलाकात, अकोला की राजनीति में आया उबाल
अकोला/दि.18 – अकोला शहर सहित जिले की राजनीति में आज उस समय एक बड़ा उलटफेर सामने आया, जब शिवसेना उबाठा के जिलाप्रमुख मंगेश काले ने ठाकरे गुट को करारा झटका देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश कर लिया. खास बात यह रही कि, जिला प्रमुख मंगेश काले के साथ अकोला मनपा ने शिवसेना उबाठा के चार प्रभावशाली पार्षदों ने भी पार्टी बदलते हुए शिंदे गुट का दामन थामा. जिसके चलते इस समय अकोला शहर सहित जिले की राजनीति में जबरदस्त उबाल आया हुआ है.
जानकारी के मुताबिक मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के जिला प्रमुख मंगेश काले के साथ-साथ पार्षद सागर भारुका, सुरेखा काले, मनोज पाटील और सोनाली सरोदे का भगवा गमछा पहनाकर शिंदे गुट वाली शिवसेना में स्वागत किया. इस मौके पर पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों की मौजूदगी में यह शामिल होने की औपचारिकता पूरी की गई.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मंगेश काले का यह कदम अकोला जिले में बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. उनके साथ अन्य पार्षदों का भी पार्टी बदलना संगठनात्मक रूप से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लिए नुकसानदायक माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से स्थानीय राजनीति में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया. हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इस घटनाक्रम के बाद अकोला जिले में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने की संभावना जताई जा रही है. आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) को इससे मजबूती मिलने के संकेत मिल रहे हैं. राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आने वाले दिनों में अन्य नेताओं के भी गुट बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. अब सभी की नजरें विपक्षी गुट की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर टिकी हैं.





