भूमि राजस्व कानून में बडा परिवर्तन

भूमि हेतु एनए की अनुमति जरुरी नहीं

* जमीन मालिकों को बडी राहत
मुंबई /दि.11- प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले अपने विभाग के लिए क्रांतिकारी निर्णयों का धडाका लगा चुके हैं. इसी कडी में अब भूमि राजस्व कानून में बडा परिवर्तन किया गया है. जिसके अनुसार बगैर कृषि उपयोग के लिए जिलाधिकारी से स्वतंत्र अनुमति की आवश्यकता खत्म हो गई है. एनए (नॉन एग्रीकल्चरल) की अनुमति की भी जरुरत नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पश्चात राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कानून में बडा बदलाव कर दिया है. इससे निर्माण अनुमति में तेजी आएगी और जमीन का रुपांतर शीघ्र गति से एवं पारदर्शी होगा.
अकृषक कर को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. अब जमीन मालिक को एक साथ रुपांतरण अधिमूल्य (कन्वर्जन प्रीमियम) भरना पडेगा. रकम भुगतान पश्चात जमीन गैर कृषि उपयोग के लिए रुपांतरित की जा सकेगी. इसके लिए सनद लेने की भी आवश्यकता खत्म कर दी गई है.
एनए मंजूरी के लिए काफी कागजात एकत्र करने पडते. उसी प्रकार जिलाधिकारी से गैर कृषि इस्तेमाल हेतु अलग से अनुमति लेना पडता था. राजस्व विभाग द्वारा तैयार नई कार्यपद्धति के अनुसार अब निर्माण प्रारुप मंजूरी ही एनए कहलाएगी. इससे भूमि रुपांतर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण एवं सरल सुधार किए गए है. राजस्व महकमेे में यह कार्य पद्धति लागू हो गई है. शीघ्र ही गैजेट में उसे प्रकाशित किया जाएगा.
* हो जाएगा सभी का काम आसान
इस निर्णय से भूमि रुपांतर प्रक्रिया आसन होगी. नॉन एग्री का टैक्स भी नहीं भरना होगा. शासन के निर्णय से राजस्व विभाग की कार्यपद्धति पारदर्शी हो जाएगी. भूमि मालिकों का समय बचेगा. परेशानी कम होगी. भूमि मालिकों को अनेक दिनों तक वेट नहीं करना पडेगा.

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