पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करने पर नई वाहन खरीद में बड़ी राहत
कर में 16 से 30 प्रतिशत तक मिलेगी बंपर छूट

* शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने हेतु उपाययोजना
मुंबई /दि.7 – महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़क से हटाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट पेश करते हुए घोषणा की कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कर नई गाड़ी खरीदने वालों को मोटर वाहन कर में 16 से 30 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी. इसके साथ ही नई गाड़ी की पंजीकरण फीस भी माफ की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, ईंधन की बचत और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है.
* बीएस-4 और बीएस-3 वाहनों पर अलग-अलग छूट
सरकार की नई नीति के अनुसार, यदि कोई वाहन मालिक अपनी बीएस-4 श्रेणी की गाड़ी स्क्रैप करता है, तो उसे नई गाड़ी के मोटर वाहन कर में 16 प्रतिशत की छूट मिलेगी. वहीं बीएस-3 या उससे पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर नई गाड़ी के कर में 30 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी. यह छूट पाने के लिए वाहन मालिक को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र से अपनी पुरानी गाड़ी को नष्ट कराना होगा और वहां से प्राप्त स्क्रैप प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा.
* नई गाड़ी की पंजीकरण फीस होगी माफ
राज्य सरकार ने इस योजना के तहत नई गाड़ी खरीदने पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में लगने वाली पंजीकरण फीस को भी माफ करने का निर्णय लिया है. इससे वाहन खरीदारों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी और लोग पुरानी गाड़ियों की जगह नई और कम प्रदूषण वाली गाड़ियां खरीदने के लिए प्रेरित होंगे.
* 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर दोगुना पर्यावरण कर (ग्रीन टैक्स) लगाया जा सकता है. इसका उद्देश्य अत्यधिक पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाना है.
* प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम
राज्य में बढ़ते वाहन प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने यह योजना लागू करने का निर्णय लिया है. अधिकारियों के अनुसार, पुराने इंजन वाली गाड़ियां अधिक धुआं और हानिकारक गैसें छोड़ती हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. सरकार का मानना है कि इस योजना से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर वाहन उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा और नई तकनीक वाले सुरक्षित वाहनों की मांग बढ़ेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस नीति का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले वर्षों में राज्य की सड़कों पर पुराने वाहनों की संख्या में कमी आएगी और स्वच्छ व सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.





