कारंजा में एमडी की फैक्टरी का भंडाफोड
192 करोड का माल जप्त

* डीआरआई द्बारा सोमवार रात गोपनीय रेड
* कथित केमिस्ट भय्यू अग्रवाल सहित तीन गिरफ्तार
* भिवंडी की बजाय विदर्भ में ही नशीला पदार्थ बनाने का गोरख धंधा
वर्धा/ दि. 10- राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोमवार रात बडी और गोपनीय कार्रवाई करते हुए कारंजा घाडगे के घने दूरस्थ एरिया मेें छापा मारकर खतरनाक नशीला पदार्थ मैफेड्रॉन एमडी की फैक्टरी का भंडाफोड किया है. 128 किलो ड्रग्ज के साथ काफी साजोसामान जब्त किया गया. जब्त माल की कीमत 192 करोड रूपए बताई गई है. डीआरआई की टीम ने उच्च गुणवत्ता वाले मैफेड्रॉन के साथ 245 किलो प्रीकर्सर केमिकल, कच्चा माल, ड्रग निर्माण में उपयोग रिएक्टर, कंटेनर और उपकरण भी जब्त किए हैं. तीन आरोपियों वैभव उर्फ भय्यू हीरालाल अग्रवाल (35), यश उर्फ आलू धनराज बन्नाग्रे (20) और सोहम संजय धायगोडे (21) को बंदी बनाया है. मुख्य आरोपी वैभव भय्यू अग्रवाल इस कारखाने का मास्टर माइंड बताया गया है. दूसरी ओर कहा गया कि नागपुर और समूचे विदर्भ में नशीले पदार्थो की तस्करी के लिए अब तक भिवंडी और मुंबई के अन्य भागों से माल लाया जाता था. तस्करी में आ रही समस्याओं के कारण कुछ माह से यही कारंजा के खेतों के अंदर गुपचुप फैक्टरी शुरू कर दी गई थी.
शहर के 60 किमी दूर
जिस जगह डीआरआई ने छापा मारा. वह जगह वर्धा शहर से 60 किमी दूर कारंजा घाडगे तहसील अंतर्गत घने एरिया में स्थित है. किसी को कानोकान खबर न हो, इसका सूत्रधार भय्यू अग्रवाल ने ध्यान रखा. वह केमिस्ट होने के साथ इस फैक्टरी का फायनेंसर और मास्टर माइंड होने का दावा अधिकारियों ने किया. उससे तीन दिनों से लगातार पूछताछ चल रही है.
खेत में गांव के घर जैसा शेड
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने खेत में जगह किराए पर ली और गांव के घर जैसा शेड बनाया. जिसके भीतर ड्रग्ज बनाने का काम उपकरणों की सहायता से किया जा रहा था. भय्यू अग्रवाल को कारंजा में लोग केमिस्ट समझते हैं. जैसे ही डीआरआई ने रेड की वहां से काफी साजोसामान जिसमें बडे वैसल भी शामिल है. जब्त किए गये. कारंजा के लोग तो क्या वर्धा पुलिस को भी इस नशीले पदार्थ के कारखाने की जरा भी भनक नहीं लग पायी थी.
‘ऑपरेशन हिंटरलैंड ब्र्यू’
डीआरआई ने बताया कि इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन हिंटरलैंड ब्र्यू’ नाम दिया गया. सोमवार को की गई कार्रवाई दौरान तीन लोगाेंं को बंदी बनाया गया. अधिकारियों ने बताया कि झाडियों के बीच छिपाई गई अस्थाई ईकाई का भंडाफोड हुआ है. सिंथेटिक ड्रग बनाने के लिए पूरी तरह कार्यरत सेटअप मिला. एनडीपीएस की कडी धाराओं के तहत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह भी बताया गया कि पिछले लगभग र्डेढ साल से यह ड्रग्ज कारखाना कारंजा निवासी उक्त तीनों आरोपी वैभव अग्रवाल, यश बनाग्रे, सोहम धायगोडे चला रहे थे. तीनों को डीआरआय टीम अपने साथ नागपुर ले गई है. नागपुर पुलिस ने तीनों की कस्टडी ली है.
* लगातार निगरानी, फिर मारा छापा
पुलिस के खुफिया तंत्र ने पिछले कुछ समय से नागपुर और अमरावती सहित विदर्भ के अन्य भागों में एमडी तस्करी के बढते मामलों की जानकारी जुटाई. पकडे गये आरोपियों पर सतत निगरानी कर माल कहां से लाया जा रहा, किस प्रकार जगह- जगह पहुंचाया जा रहा. इसकी व्यापक खोजबीन कर पता लगाया गया. पूरी जानकारी एकत्र करने के बाद कारंजा घाडगे के सघन खेतों के भीतर बनाए गये एमडी अड्डे तक खुफिया निदेशालय का दल पहुंचने में सफल रहा. अब कॉल डिटेल और अन्य जानकारी एकत्र कर विदर्भ भर में गिरोह से जुडे लोगों को दबोचने का प्रयास किया जा रहा है.





