सांसद सावंत ने लिखकर दिया नहीं करुंगा गद्दारी

ऑपरेशन टाइगर पर बड़ी अपडेट

* उद्धव ठाकरे से अचानक लंबी भेंट की
मुंबई/दि.11 – पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिला है. पहले शिवसेना में बगावत हुई और उसके बाद राष्ट्रवादी में दो गुट बन गए थे. इसके बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल आने वाला है और उद्धव ठाकरे के सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई है. उद्धव ठाकरे गुट के आठ सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं, ऐसा कहा जा रहा है. इन खबरों के बीच उद्धव ठाकरे ने आज दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत को मातोश्री पर बुलाया था. दोनों के बीच बैठक हुई. इस बैठक के बाद बात करते हुए अरविंद सावंत ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है.
* क्या बोले अरविंद सावंत?
उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद अरविंद सावंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सांसदों के टूटने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, बल्कि उन्होंने मेरी तारीफ की. आज की बैठक में इस विषय पर चर्चा नहीं होने वाली थी. आज की बैठक शिवसेना और भारतीय कामगार सेना के कामकाज को लेकर थी. आप सभी को पता है कि मैं रोज मातोश्री आता हूं. उनका मुझ पर विश्वास है, मातोश्री का विश्वास है.
* उद्धव ठाकरे से गद्दारी नहीं करूंगा, ऐसा लिखकर क्यों दिया?
अरविंद सावंत ने उद्धव ठाकरे से गद्दारी नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया है. इस बारे में पूछे जाने पर सावंत ने कहा, ऐसा कोई विषय नहीं था. उन्होंने ऐसे ही कहा कि लिखकर दोगे क्या? मैंने कहा, लिखकर देता हूं, इसमें कुछ खास नहीं है. मैं हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक हूं. जो बोलता हूं, वही करता हूं. आप कहेंगे कि बोला था तो लिखकर क्यों दिया? अगर लिखकर नहीं देता तो मीडिया अलग खबर फैलाती. इसलिए लिखकर दिया है.
* अरविंद सावंत ठाकरे के विश्वासपात्र
अरविंद सावंत दक्षिण मुंबई से तीसरी बार सांसद चुने गए हैं. 2014 से वे सांसद हैं. वे उद्धव ठाकरे के करीबी और विश्वासपात्र माने जाते हैं. कई दिनों से ठाकरे गुट के सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की चर्चा चल रही है. कई सांसदों ने कहा है कि वे किसी भी हालत में शिंदे की शिवसेना में नहीं जाएंगे. सत्र के दौरान उद्धव ठाकरे ने भी सांसदों की मातोश्री पर बैठक ली थी और उन्हें मार्गदर्शन दिया था.

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