खुले भूखंडों से मनपा हो सकती मालामाल

स्थायी समिति अध्यक्ष ने दिलाया विशेष चर्चा का भरोसा

* महापालिका आमसभा में अर्थसंकल्प पर शुरु हुआ विचार विनिमय
* अनेक हेड की आमदनी बढने की पूरी संभावना
* नगर रचना के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर हैरानी, कार्रवाई की मांग उठाई गई
अमरावती/दि.30 – महापालिका की आज शुरु हुई बजट आमसभा में मनपा की आमदनी बढाने के लिए खुले भूखंडों पर राज्य सरकार के राजस्व महकमें की ताजा घोषित नीतियों से ही करोडों की आमदनी होने का दावा कर इस बारे में नगररचना के अधिकारियों को टाइट करने की मांग उठाई गई. जिस पर स्थायी समिति अध्यक्ष अविनाश मार्डीकर ने विशेष चर्चा रखने का भरोसा दिलाया और विज्ञापनों, बाजार परवाना, मनपा के संकुलों से भी आमदनी बढाने के पक्ष-विपक्ष के सुझावों पर क्रियान्वयन का वादा किया. समाचार लिखे जाने तक वर्ष 2026-27 के अविनाश मार्डीकर द्वारा प्रस्तुत बजट पर साधक-बाधक चर्चा शुरु थी. चर्चा में सदन के नेता चेतन गावंडे, विपक्ष के नेता विलास इंगोले, मिलिंद चिमोटे, अनिल अग्रवाल, बबलू शेखावत, राजेंद्र तायडे और अन्य सदस्यों ने जोरदार अंदाज में न केवल विचार रखे, अपितु मनपा प्रशासन से आशा-अपेक्षा भी बोलकर बतायी.
* खुले भूखंडों से हो सकती करोडों की आय
स्थायी सभापति अविनाश मार्डीकर द्वारा प्रस्तुत संशोधित अर्थसंकल्प के राजस्व जमा विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए स्वीकृत नगरसेवक और दैनिक अमरावती मंडल के संपादक अनिल अग्रवाल ने प्रखरता से मुद्दा उपस्थित किया. उन्होंने सदन को जानकारी दी कि, अमरावती के पालकमंत्री ने अपने राजस्व महकमे में 47 नई योजनाओं की घोषणा की है. उसी के अनुरुप महापालिका खुले भूखंडों पर टैक्स की नई सरकारी नीति के अनुरुप ही प्रणाली लागू कर अपनी आमदनी बढा सकती है. देहातों में नई नीति नगरपालिका और पंचायतों ने अपना रखी है. जिससे वहां आमदनी बढ रही है. महापालिका में भी इस नीति के अनुरुप टैक्स वसूल किये जाने पर मनपा को करोडों की आय सहज हो सकती है. अग्रवाल ने बताया कि, 6 साल का टैक्स एकसाथ वसूला जा सकता है. बजट में इस पर केवल 16 करोड की आमदनी अपेक्षित बतायी गई है. जबकि सरकारी नीति को अपनाने पर ही मनपा को काफी इनकम सहज हो सकती है. अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने आश्चर्य जताया कि, मनपा के एडीटीपी अर्थात नगररचना विभाग के अफसरान का ध्यान सरकार की ऐसी टैक्स प्रणाली पर क्यों नहीं गया. जबकि देहांतों में रेडीरेकनर के रेट से ही राजस्व विभाग की उपरोक्त नीति व घोषणा पर अमल कर पंचायतों व पालिका की इनकम बढाई जा रही हैं.
* विलास इंगोले बोले- अग्रवाल के नॉलेज का लें लाभ
विपक्ष के नेता विलास इंगोले ने इस विषय पर चर्चा में सहभागी होते हुए कहा कि, सरकार की खासकर राजस्व विभाग की अनेकानेक घोषणाओं, योजनाओं और टैक्स प्रणाली की काफी जानकारी अनिल अग्रवाल को है. जिसका मनपा का फायदा लेना चाहिए. नेता सदन चेतन गावंडे ने कहा कि, आज की अर्थसंकल्प की सभा में एडीटीपी के कोई अधिकारी मौजूद नहीं है. उन पर एक्शन के बारे में विचार होना चाहिए. इसे सदन की कार्यवाही में नोट किया जाये. वरिष्ठ सदस्य स्वीकृत नगरसेवक मिलिंद चिमोटे ने भी आमसभा में बजट प्रस्तुति के बावजूद नगररचना अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीर विषय बताया. उन्होंने भी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग का पुनरुच्चार किया. चिमोटे ने कहा कि, महापालिका की बजट आमसभा की सूचना रहने पर भी एडीटीपी के अफसर मौजूद नहीं रहते, यह विषय गंभीर है.
* सभापति मार्डीकर का उत्तर
स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर ने उत्तर में कहा कि, निश्चित ही विषय बडा है. मनपा की आमदनी बढाने का है. ऐसे में विशेष रुप से केवल इसी मसले पर चर्चा होनी चाहिए और आगे वे इस पर अवश्य चर्चा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि, खुले भूखंड, अतिरिक्त जगह के इस्तेमाल के विषय में निश्चित ही विशेष चर्चा रखी जाएगी. मनपा की आय बढाने के लिए सभी को इस चर्चा में सहभागी किया जाएगा.
* संकुलों का किराया बढाया जायें
– सदस्यों की आमसभा में जोरदार मांग
आमसभा में बजट के राजस्व जमा भाग-1 अंतर्गत चर्चा में सहभागी होते हुए पक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर के सदस्यों ने केवल 4 करोड 50 लाख की वार्षिक आमदनी पर प्रश्न उठाये. स्वीकृत सदस्य अनिल अग्रवाल ने कहा कि, मनपा के संकुलों का किराया बढना चाहिए. वहीं ेनेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले ने ताना मारा कि, 27 संकुल है ऐसे में 4.5 करोड की वसूली ज्यादा है. इसे और कम करना चाहिए. इंगोले और बबलू शेखावत ने यह भी कहा कि, अन्य महानगरों नागपुर, नाशिक आदि की तुलना में अमरावती मनपा के संकुलों से हो रही आमदनी पर तुलनात्मक गौर किया जाना चाहिए. आज निश्चित ही किराया और संबंधित शुल्क बढाये जाने से महापालिका को 9 करोड या उससे भी अधिक आमदनी संकुलों से हो सकती हैं. इस पर विचार होना चाहिए.
* बडे टैक्स बकाएदारों की सूची जारी करें
मनपा की आमदनी का बडा जरिया हाउस टैक्स है. हाउस टैक्स के 1 लाख से अधिक बकायदारों के नाम घोषित करने की मांग नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, बबलू शेखावत, अनिल अग्रवाल, मंगेश मनोहरे आदि ने की. स्वीकृत सदस्य अनिल अग्रवाल ने कहा कि, महापालिका ऐसे बकाएदारों की सूची दे तो वे अपने समाचार पत्रों में इसका नि:शुल्क प्रकाशन करने के लिए तैयार हैं. वहीं शासकीय संपत्ति टैक्स को लेकर वसूली के विषय में आयुक्त और प्रशासन ने स्पष्ट करना चाहा कि, अधिकारियों से चर्चा की गई है. तीन बार चर्चा हो चुकी है और टैक्स वसूली प्रभावी करने पिछले वर्ष कुछ बाबुओं को बदला भी गया. एलबीटी का भी सर्वाधिक बकाया है. उसी प्रकार कुछ मामले विवादास्पद है. ऐसे संपत्तियों की संख्या 1032 होने की जानकारी सदन को दी गई.
* विज्ञापनों, होर्डिंग की आमदनी भूले
आमसभा में राजस्व जमा भाग-1 अंतर्गत विषय-11 विज्ञापन परवाना शुल्क के मुद्दे पर सदन में जोरदार चर्चा हुई. सभी सदस्यों ने इससे मनपा को होने वाली आमदनी को उंट के मुंह में जीरा समान बताया. सभा में अनेक सदस्यों विलास इंगोले, मंगेश मनोहर, बबलू शेखावत आदि ने चर्चा में भाग लिया. विज्ञापन परवाना शुल्क वसूली से जो आमदनी अपेक्षीत की गई है. उसका उल्लेख नहीं किया गया. आंकडा संबंधित अधिकारी उदय चव्हाण देना भूल गये, इस प्रकार का जवाब मिला. तब संबंधित पर कार्रवाई की मांग भी सदस्यों ने कर डाली. बबलू शेखावत ने इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि, पहले मनपा अंतर्गत होर्डिंग की संख्या 267 थी. अब 167 वैध अर्थात अनुमति प्राप्त विज्ञापनों की जानकारी दी गई है. आंकडा नहीं दिया गया है. यह बडी चूक होने की ओर उन्होंने सदन का ध्यान आकृष्ट किया. विज्ञापनों, होडिंग से मनपा की आमदनी आराम से बढाई जा सकती है. किंतु संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे. वे बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय में भी आंकडे देना कैसे भूल जाते हैं, इस विषय पर सभी ने एक स्वर में अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई. समाचार लिखे जाने तक बजट पर मनपा सदन में घनघोर चर्चा शुरु थी.

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