पहली विशेष सभा बुलाने मनपा ने भेजा संभागीय आयुक्त के नाम पत्र

मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने राजस्व आयुक्त से मांगी सभा हेतु अनुमति व तारीख

* पत्र में मनपा का चुनाव संपन्न होने तथा महापौर व उपमहापौर पद के चयन हेतु सभा बुलाने की दी गई जानकारी
अमरावती/दि.23 – अमरावती महानगर पालिका के हालिया संपन्न आम चुनाव तथा मुंबई स्थित मंत्रालय में महापौर पद के आरक्षण के ड्रॉ की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद अब मनपा प्रशासन द्वारा संभागीय राजस्व आयुक्त के नाम पत्र जारी करते हुए मनपा के नए सदन व नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली विशेष सभा बुलाने के संदर्भ में अनुमति मांगी गई है. साथ ही इस सभा की अध्यक्षता करने हेतु पीठासीन सभापति के तौर पर उपस्थित रहने का अनुरोध करते हुए मनपा प्रशासन द्वारा संभागीय राजस्व आयुक्त से उनकी उपलब्धता हेतु तारीख व समय भी मांगे गए है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, संभागीय राजस्व आयुक्त द्वारा अमरावती मनपा के नए सदन की पहली विशेष सभा के लिए कौनसी तारीख तय की जाती है. क्योंकि इसी विशेष सभा में अमरावती मनपा के नए महापौर व उपमहापौर का निर्वाचन भी होगा.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा द्वारा संभागीय राजस्व आयुक्त डॉ. श्वेता सिंघल के नाम जारी पत्र में बताया गया है कि, आम चुनाव की प्रक्रिया के जरिए अमरावती मनपा के सदन में शहर के 82 प्रभागों की 87 सीटों से 87 पार्षदों का मतदान व मतगणना की प्रक्रिया पश्चात निर्वाचन हो चुका है. साथ ही मुंबई मंत्रालय में हुई महापौर पद के आरक्षण की ड्रॉ प्रक्रिया के जरिए अमरावती में महापौर पद सर्वसाधारण यानि खुले संवर्ग के तहत अनारक्षित निकला है. जिसके पश्चात अब नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली विशेष सभा बुलाते हुए नए महापौर व उपमहापौर के निर्वाचन व नियुक्ति की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाना है. जिसके लिए अनुमति प्रदान करने के साथ ही संभागीय राजस्व आयुक्त द्वारा विशेष सभा के लिए तारीख व समय भी निश्चित किया जाए, ताकि उस लिहाज से नवनिर्वाचित पार्षदों को पहली विशेष सभा की पूर्व सूचना दी जा सके.
विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा के आम चुनाव पश्चात होनेवाली नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली विशेष सभा की अध्यक्षता पीठासीन अधिकारी के रुप में संभागीय राजस्व आयुक्त अथवा उनके प्रतिनिधि केतौर पर जिलाधीश द्वारा की जाती है. जिनकी देखरेख के तहत महापौर व उपमहापौर के निर्वाचन व पदग्रहण की प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाता है. इसके उपरांत होनेवाली प्रत्येक आमसभा में पीठासीन सभापति के तौर पर महापौर व पीठासीन अधिकारी के तौर पर मनपा आयुक्त की उपस्थिति रहती है और इन्हीं दोनों की देखरेख के तहत स्थायी समिति सभापति एवं विषय समिति सभापति के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है.

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