नाथुराम गोडसे थे ‘टिउं’, समझे के नहीं समझे
सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने गोडसे को लेकर की जहरी टीका

* गोडसे के ‘उधरवाला’ रहने को लेकर दिया विवादास्पद बयान
अमरावती/दि.11 – गत रोज एक ही सप्ताह के दौरान दूसरी बार अमरावती मनपा के चुनाव में एमआईएम प्रत्याशियों का प्रचार करने हेतु अमरावती के दौरे पर पहुंचे एमआईएम पार्टी के मुखिया व सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने चांदनी चौक परिसर के एकेडेमिक ग्राउंड पर पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अचानक ही नाथुराम गोडसे का विषय छेड दिया और भाजपावालों का चरित्र बताने हेतु सांसद ओवैसी ने नाथुराम गोडसे के चरित्र को लेकर एक बेहद विवादास्पद टिप्पणी की. जिसके तहत सांसद ओवैसी ने नाथुराम गोडसे को ‘उधरवाला’ बताते हुए कहा कि, ऐसे लोगों को उनके यहां हैदराबाद में ‘टिउं’ कहा जाता है. साथ ही नाथुराम गोडसे के लिए इसी तरह के अन्य कई शब्दों का प्रयोग करते हुए सांसद ओवैसी उपस्थितों से बार-बार यह भी पूछते रहे कि, ‘समझे, या नहीं समझे.’
गत रोज चांदनी चौक स्थित एकेडेमिक ग्राउंड पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि, भाजपावालों की नजर हमेशा ही उनकी शेरवानी पर रहती है, इसमें भाजपावालों की भी कोई गलती नहीं है. क्योंकि भाजपावाले नाथुराम गोडसे को मानते है और गोडसे के पदचिन्हों पर ही चलते है. गोडसे को भी ‘शेरवानी’ बहुत पसंद थी. क्योंकि गोडसे ‘उधरवाला’ था. इस समय सांसद ओवैसी ने कुछ अजीब हावभाव और हरकत करते हुए उपस्थितों से जानना चाहा कि, लोगबाग उनकी बात को समझे अथवा नहीं, साथ ही सांसद ओवैसी ने अपनी बात को थोडा और साफ तरीके से समझाने हेतु कहा कि, ऐसे लोगों को हैदराबाद में ‘टिउं’ कहा जाता है. साथ ही साथ ऐसे लोगों के लिए अरबी भाषा में ‘लूती’ भी कहा जाता है. यह सुनते ही सभा स्थल पर मौजूद लोगबाग जमकर हंस पडे.
वहीं दूसरी ओर अब सांसद असदउद्दीन ओवैसी द्वारा नाथुराम गोडसे के बारे में दिए गए बयान को लेकर हंगामा होने के साथ ही विवाद पैदा होने की पूरी संभावना है.





