6 मार्च को चुना जाएगा स्थायी समिति का नया सभापति
नवगठित स्थायी समिति की पहली सभा हेतु तारीख तय

* विभागीय आयुक्त ने तारीख को दी मंजूरी
* पहली सभा में होगा सभापति पद का चुनाव
* 16 सदस्यीय ‘स्टैंडींग’ में महायुति का बहुमत
* सभापति पद राकांपा के हिस्से में रहने का अनुमान
अमरावती /दि.27- विगत 20 फरवरी को मनपा के नवगठित सदन की पहली आमसभा में मनपा की 16 सदस्यीय स्थायी समिति हेतु पक्षीय बलाबल के अनुसार स्थायी समिति सदस्यों का चयन किया गया था. जिसके बाद से ही स्थायी समिति के नए सभापति पद के चुनाव को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी. वहीं अब यह जानकारी सामने आई है कि, स्थायी समिति सभापति का चुनाव कराने संदर्भ में स्थायी समिति की पहली सभा बुलाने को लेकर मनपा प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र के जवाब में संभागीय राजस्व आयुक्तालय द्वारा आगामी 6 मार्च की तारीख तय की गई है. जिसके चलते आगामी 6 मार्च को स्थायी समिति की पहली बैठक होगी. जिसमें स्थायी समिति सदस्यों द्वारा समिति के नए सभापति का चयन किया जाएगा.
बता दें कि, 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा, युवा स्वाभिमान पार्टी, अजीत पवार गुट वाली राकांपा के गठजोड वाली महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है. जिसके तहत स्थायी समिति में भाजपा के 5, युवा स्वाभिमान पार्टी के 3 एवं राकांपा के 2 सदस्य है. वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के 3 व एमआईएम के 2 सदस्य स्थायी समिति में पहुंचे है. जबकि काफी हद तक तठस्थ भूमिका लेकर चल रहे दोनों शिवसेना व बसपा के गुट के पास स्थायी समिति में 1 सदस्य है. जिसके मद्देनजर स्पष्ट है कि, स्थायी समिति का सभापति पद सत्ताधारी महायुति के पास ही रहेगा. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि, भाजपा, वायएसपी व राकांपा में से किस पार्टी के हिस्से में स्थायी समिति का सभापति पद जाता है.
उल्लेखनीय है कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु हुए गठजोड के तहत भाजपा ने महापौर पद एवं युवा स्वाभिमान पार्टी ने उपमहापौर पद को अपने पास रखा था. जिसके चलते माना जा रहा है कि, संभवत: युति धर्म के तहत अब स्थायी समिति का सभापति पद अजीत पवार गुट वाली राकांपा के हिस्से में छोडा जा सकता है. हालांकी अभी इसे लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले है. जिसके चलते सत्ताधारी महायुति में शामिल तीनों प्रमुख घटक दलों द्वारा स्थायी समिति के सभापति पद को लेकर जबरदस्त रस्साकशी की जा रही है.
ज्ञात रहे कि, अमरावती मनपा के सदन में भाजपा के सर्वाधिक 25 सदस्य निर्वाचित हुए है. जिसके चलते पक्षीय बलाबल की स्थिति के तहत 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के सर्वाधिक 5 सदस्य भेजे गए है. जिनमें भाजपा पार्षद पद्मजा कौंडण्य, स्मिता सूर्यवंशी, मिलिंद बांबल, पंचफुला चव्हाण और विनोद तानवैस का समावेश है. इसके साथ ही पक्षीय बलाबल की स्थिति को देखते हुए स्थायी समिति में कांग्रेस और वायएसपी को 3-3 सीटें मिली है. इसके चलते कांग्रेस ने ललिता रतावा, अस्मा फिरोज खान और प्रशांत महल्ले को समिति में भेजा. वहीं वायएसपी की ओर से प्रशांत वानखेडे, दीपक साहू सम्राट और प्रियंका पाटणे को मौका दिया गया. इसके अलावा स्थायी समिति में राकांपा व एमआईएम के हिस्से में 2-2 सीटें आई है. जिसके चलते राकांपा ने अविनाश मार्डीकर व मिनल सवई तथा एमआईएम ने सलाउद्दीन इकरामुद्दीन व नजीम खान करीम खान को स्थायी समिति में भेजे जाने हेतु चुना है. इन सबके साथ ही शिवसेना के दोनों गुटों व बसपा के संयुक्त गुट के हिस्से में स्थायी समिति का एक सदस्य पद आया. जिसके लिए इस गुट ने सेना पार्षद मंजुषा जाधव के नाम को आगे बढाया. विगत 20 फरवरी को स्थायी समिति का गठन होने के बाद अब सभी की निगाहें पहली बैठक पर टिकी हैं, जहां सभापति पद के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.
* स्थायी समिति में दलनिहाय सदस्य संख्या
पार्टी सदस्य संख्या
भाजपा 5
कांग्रेस 3
वायएसपी 3
राकांपा 2
एमआईएम 2
सेना-बसपा गुट 1
* किस पार्टी से कौन पहुंचा है स्थायी समिति में?
भाजपा – पद्मजा कौंडण्य, स्मिता सूर्यवंशी, मिलिंद बांबल, पंचफुला चव्हाण और विनोद तानवैस.
कांग्रेस – ललिता रतावा, अस्मा फिरोज खान और प्रशांत महल्ले.
वायएसपी – प्रशांत वानखडे, दीपक साहू सम्राट और प्रियंका पाटणे.
राकांपा – अविनाश मार्डीकर और मिनल सवई.
एमआईएम – सलाउद्दीन इकरामुद्दीन और नजीम खान करीम खान.
सेना-बसपा गुट – मंजुषा जाधव.





