सीसीटीवी के लिए नया प्रस्ताव, 13 साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई
2012 से अब तक तीन-चार बार प्रस्ताव तैयार हुए

* लेकिन किसी भी बात पर अमल नहीं
अमरावती/दि.28 – शहर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी आवश्यक है. इसलिए, लगभग 14 वर्ष पहले, नगर प्रशासन ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई थी. इसके लिए एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया था. 10 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन शहर में एक भी कैमरा नहीं लगाया गया है. इन 13 वर्षों में सीसीटीवी लगाने के लिए कम से कम तीन या चार बार प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं. इसी बीच, पालक मंत्री ने शनिवार, 24 जनवरी को कहा कि सीसीटीवी लगाने के लिए एक बार फिर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
पालकमंत्री ने शनिवार को कहा कि शहर में अत्याधुनिक ’एआई’ आधारित सीसीटीवी लगाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया गया है. सुरक्षा की दृष्टि से यह अधिक लाभदायक होगा. चूंकि यह सीसीटीवी एआई आधारित है, इसलिए यह पता चल सकेगा कि कौन सा व्यक्ति किस मकसद से शहर में घूम रहा है. साथ ही, सीसीटीवी में उसका चेहरा कैद होते ही सामने आ जाएगा. इसलिए, अपराधों को सुलझाने में यह सीसीटीवी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
सर्वप्रथम वर्ष 2012 में 13 शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा शासन की तरफ से की गई थी. उस समय अमरावती शहर में 774 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार हुआ. लेकिन उसका क्या हुआ, यह किसी को नहीं पता. उसके बाद फिर से 2022 में एक प्रस्ताव तैयार हुआ. उसमें 418 स्थानों पर कैमरे लगाए जाने की बात कहीं गई थी. यह भी कहा गया था कि इन 418 सीसीटीवी कैमरों में से लगभग सौ मोबाइल कैमरे रहेंगे. लेकिन चार साल बीत चुके हैं और उस प्रस्ताव पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इन दोनों प्रस्तावों के बीच, लगभग 2017 में, शहर पुलिस ने गृह मंत्रालय को 99 लाख रुपये का एक प्रस्ताव भेजा था. हालांकि, वह प्रस्ताव मुंबई में ही अटका पड़ा है.
* नए पुलिस स्टेशन बाबत भी ऐसा
अमरावती विदर्भ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहाँ शहरी विस्तार तेज़ी से हो रहा है. हालांकि, सुरक्षा के लिए आवश्यक रहे कैमरे शहर में नहीं हैं. इतना ही नहीं बल्कि 15 वर्ष पूर्व शहर में तीन पुलिस स्टेशन का प्रस्ताव राज्य शासन के गृह विभाग के पास तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने भेजा था. इस प्रस्ताव पर भी अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ हैं.
* सीसीटीवी घोषणा तक ही सीमित
कुल मिलाकर पिछले 13 साल में 3 से 4 दफा चौराहो पर सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव तैयार हुआ. लेकिन उस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर शहर में एक भी कैमरा लगाया नहीं गया. अब फिर से एआई बेस कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, ऐसा पालकमंत्री ने कहा हैं. सीसीटीवी कैमरे मंत्री और प्रशासन की घोषणा तक ही चर्चा में रहते दिखाई देते हैं.





