‘पवित्र पोर्टल’ हेतु नये नियम
शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ

* बिना पोर्टल हुई नियुक्तियों का ऑडिट
अमरावती /दि.6- प्रदेश के हजारों डीएड और बीएड पदवीधारकों के लिए अच्छा समाचार आया है. उच्च न्यायालय के कठोर निर्देशों पश्चात राज्य सरकार ने ‘पवित्र पोर्टल’ मार्फत अध्यापक पदभर्ती की मानक कार्यपध्दति एसओपी निर्धारित कर दी है. गत 30 मार्च को इस संदर्भ में महत्वपूर्ण आदेश जारी हुआ. जिससे अध्यापक भर्ती प्रक्रिया गतिमान होगी.
रिक्त पदों की समीक्षा
प्रदेश के सभी जिलों में अध्यापक पदों की रिक्ती देखी जा रही है. जिला निहाय ब्यौरा आने पर संच मान्यता के अनुसार पोर्टल पर जारी होगा.् उम्मीदवारों को अपने जिले में रिक्त पदों की स्थिति समझ जायेगी. सरकार ने प्रत्येक मनपा क्षेत्र और जिला परिषद से रिक्त पदों की रिपोर्ट मांगी है.
ऐसे होगी भर्ती
पवित्र पोर्टल पर पारदर्शक पध्दति से भर्ती प्रक्रिया क्रियान्वित होगी. शिक्षा अभियोग्यता और बिुध्दमत्ता जांच टीईटी के अंकों के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट तैयार होगी. स्थानीय स्वराज्य संस्था अंतर्गत शालाओं में सीधे मेरिट लिस्ट के आधार पर और निजी शालाओं में एक- एक सीट के लिए 10-10 प्रत्याशियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जायेगा. दावा किया जा रहा है कि प्रक्रिया संगणकीय होने से गैर व्यवहार पर अंकुश रहेगा.
सबसे महत्वपूर्ण यह बात है कि 22 जून 2017 से लेकर अब तक प्रदेश की निजी शाला में पवित्र पोर्टल के बगैर जो नियुक्तियां की गई है. उसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्राप्त हो गई है. गैर कानूनी नियुक्तियों पर कडे कदम उठाए जायेंगे. ऐसे अध्यापकों की मान्यता खतरे में आने का अंदेशा किया जा रहा. अनुदानित, अंशत: अनुदानित और कायम बिना अनुदानित शालाओं के अध्यापकों का समावेश है.