वरिष्ठ यात्री को रियायत नहीं
ट्रेनों की भी घोषणा नहीं होने से आम यात्री असंतुष्ट

* रेल यात्री संघों ने बजट को बताया अनपेक्षित
अमरावती/दि.2-बजट में ही भारतीय रेलवे का बजट समाहित किए अनेक वर्ष बीत गए. जिसके बाद रेल सुविधाओं को लेकर आम यात्रियों की शिकायत रहती है. ऐसे में रविवार को संसद में प्रस्तुत ताजा अर्थसंकल्प में नए हाईस्पीड रेल मार्गों की घोषणा की गई हैं. किंतु नई रेल गाडियों की घोषणा से पहले की तरह बचा गया है. उसी प्रकार वरिष्ठ यात्रियों को दोबारा रियायत देने की अपेक्षा भी पूरी नहीं होने की जानकारी हैं. हालांकि, संपूर्ण रेल बजट प्रावधान समाचार लिखे जाने तक अप्राप्त थे.
* सीनियर सिटीजन को राहत देनी थी
रेल यात्री संघ के अध्यक्ष अनिल तरडेजा ने कहा कि, कोरोना महामारी के समय से बंद की गई वरिष्ठ यात्री रियायत इस बार भी शुरु नहीं की गई हैं. जिससे वरिष्ठ नागरिकों का ट्रेन से सफर करना मुश्किल हो रखा है. वरिष्ठ नागरिक अधिक किराया देने से पहले ही कतराते हैं. ऐसे में उन्हें मिलने वाली छूट दोबारा शुरु नहीं की गई हैं. इस बार तो यात्रीगण इस रियायत की अपेक्षा बडी बेसब्री से कर रहे थे.
* कहां गडप हो गईं पैसेंजर ट्रेनें
रेल यात्रियों ने सामान्य लोगों की पैसेंजर ट्रेनें बंद रखने पर भी सवाल उठाए हैं. कोरोना काल में ऐसी सामान्य श्रेणी की रेल गाडियां बंद की गई थी. उसे अब तक शुरु नहीं किया गया है. 200 किमी के दायरे में मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं, किंतु उनकी संख्या सीमित होने से यात्रियों को एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में सफर करना पड रहा हैं. जिससे वे सुखद यात्रा नहीं कर पाते. उन्हें स्लीपर कोच में बडी मुश्किल से खडे-खडे आना-जाना पडता है. इसका एक ही उपाय हैं पैसेंजर गाडियां. छोटे स्टेशनों के लिए हजारों करोड का फंड खर्च सरकार अमृत योजना में कर रही हैं. मेमू गाडियां न बढाने की स्थिति में यह खर्च उचित नहीं प्रतीत हो रहा. उसी प्रकार का मुद्दा गाडियों के ठहराव का है. कई प्रमुख नगरों के स्टेशनों पर लंबी दूरी की गाडियों को स्टॉपेज नहीं दिए गए हैं.
* एक भी नई ट्रेन नहीं
विदर्भ की बात करें तो अमरावती या पश्चिम विदर्भ के लिए एक भी नईं ट्रेन घोषित नहीं की गई. मोदी सरकार ने बजट की बजाय अन्य दिनों पर अचानक नई रेल गाडियां शुरु करने की प्रथा जारी रखी हैं. अमरावती में शकुंतला का रेल मार्ग आमान परिवर्तन के सर्वे का पिछले वर्ष ऐलान हुआ था. समाचार लिखे जाने तक इस मार्ग से संबंधित कोई प्रावधान बजट में दिखाई तो नहीं दिया हैं. लोगों को अमरावती से दिल्ली, अमरावती से अहमदाबाद, अमरावती से उज्जैन-इंदौर ट्रेन की आशा हैं. दिल्ली के लिए आज भी अमरावती वासियों को नागपुर या भुसावल जाना पडता हैं.
कोई प्रस्ताव नहीं किया मान्य
डीआरयूसीसी सदस्य मनीष करवा ने कहा कि, रेलवे अधिकारियों के सामने अनेक प्रस्ताव रेल सेवा और सुविधा के रखे गए थे. बजट से लगता हैं कि कोई भी प्रस्ताव मान्य नहीं किया गया हैं. जिससे पश्चिम विदर्भ के रेल यात्रियों हेतु अभी तो बजट में कुछ प्रावधान नजर नहीं आ रहे. इतना जरूर हैं कि, अमरावती मॉडल रेलवे स्टेशन और बडनेरा स्टेशनों का अमृत योजना अंतर्गत जारी विकास कार्य भरपूर रूप से हो रहा हैं. कार्य प्रगति पर हैं. नए टिकट काउंटर और नए दादर, एक्सलेटर, अंडरपास, लिफ्ट सहित यात्री सुविधाएं बढ रही है. तथापि मनीष करवा ने अमरावती-दिल्ली और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के शहरों को सीधे जोडने वाली ट्रेनों की आवश्यकता पर बल दिया. करवा ने कहा कि, अमरावती के यात्री अन्य ट्रेनों में भारी भीड के बीच सफर करने मजबूर है. ट्रेनों में वेटिंग लगातार चल रहा है. सीजन में कन्फर्म टिकट मिलना दुश्वार हो रहा हैं.





