अब कृषी पत पुरवठा सहकारी संस्थाओं को राजस्व गांवों में ही मंजूरी
पंजीयन के संशोधित मानक घोषित

* आर्थिक रुप से कमजोर संस्थाओं के लिए कडी नीतियां
अमरावती /दि.19 – अब राजस्व गांव में ही कृषी पत पुरवठा सहकारी संस्थाओं को मंजूरी दी जाएगी. राज्य सरकार के सहकार, पणन व वस्त्रोद्योग विभाग ने इसके लिए नया नीति निर्णय लिया है. आर्थिक रूप से कमजोर संस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजीकरण के सुधारित नियम भी घोषित किए गए हैं.
राज्य सरकार ने प्राथमिक कृषि पतपुरवठा सहकारी संस्थाओं के पंजीकरण संबंधी मानकों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. 23 सितंबर 2023, 16 जनवरी 2024 तथा 14 फरवरी 2024 के पूर्व निर्णयों में बदलाव करते हुए अब नई शर्तों के अनुसार राज्य में कृषि पतपुरवठा सहकारी संस्थाओं की पंजीकरण प्रक्रिया अधिक कठोर कर दी गई है. सहकार आयुक्त व सहकारी संस्था निबंधक, पुणे के प्रस्ताव पर तथा सहकार मंत्री की अध्यक्षता में 4 नवंबर 2025 को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर यह आदेश जारी किया गया. अब एक महसूली गांव में केवल एक ही प्राथमिक कृषि पतपुरवठा सहकारी संस्था को अनुमति रहेगी.
* कर्ज सीमा
मराठवाड़ा व विदर्भ क्षेत्रों के लिए न्यूनतम 1 करोड़ तथा आदिवासी क्षेत्रों के गांवों के लिए न्यूनतम 50 लाख रुपये कर्ज वितरण की सीमा तय की गई है.
* कमजोर संस्थाओं पर कार्रवाई
आर्थिक रूप से कमजोर संस्थाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा. जहां संभव होगा वहां संस्थाओं का विलिनीकरण (मर्जर) किया जाएगा. यदि आर्थिक सुदृढ़ीकरण संभव हुआ तो 2026-27 से 2028-29 इन तीन वर्षों के लिए 30 जून 2026 तक कार्ययोजना प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. जो संस्थाएं योजना प्रस्तुत नहीं करेंगी या तीन वर्षों में सक्षम नहीं बनेंगी, उनके विलिनीकरण अथवा परिसमापन (लिक्विडेशन) की कार्रवाई की जाएगी.





