अब जिप चुनाव में मार्कर से नहीं लगेगी स्याही
पहले की तरह डंडी से ‘अमिट इंक’ का होगा इस्तेमाल

* निर्वाचन आयोग ने लिया बडा फैसला
मुंबई /दि.15- महानगरपालिकाओं के चुनाव के दौरान मतदाताओं की उंगली पर लगाए गए मार्कर पेन की स्याही पोंछे जाने के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि आगामी जिला परिषद चुनावों में मार्कर पेन का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि पहले की तरह अमिट स्याही (इंडिलेबल इंक) से मतदान की पहचान की जाएगी.
बता दें कि, राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में आज हुए मतदान के दौरान कई मतदाताओं ने आरोप लगाया था कि उंगली पर लगी स्याही कुछ ही समय में मिटाई जा सकती है. इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए. इन आरोपों के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने पत्रकार परिषद में स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि मार्कर पेन की स्याही सूखने के बाद सामान्य तौर पर नहीं मिटती, लेकिन समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, पत्रकारों द्वारा आगामी जिला परिषद चुनाव में मार्कर के इस्तेमाल को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बड़ा ऐलान किया.
निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि, मार्कर पेन के अनुभव को देखते हुए आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में हम इंडिलेबल इंक का ही उपयोग करेंगे. इसके अनुसार, 5 फरवरी को होने वाले मतदान में मार्कर के बजाय पारंपरिक तरीके से काड़ी (डंडी) द्वारा उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी, ताकि दोबारा या फर्जी मतदान की किसी भी संभावना को पूरी तरह रोका जा सके.
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