अब अवैध यात्री परिवहन पर होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी चेतावनी

मुंबई/दि.2 – राज्य में बढ़ती अवैध यात्री परिवहन गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है. इस संबंध में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में मोटर परिवहन विभाग और राज्य परिवहन (एसटी) महामंडल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रस्तुत एक माह की रिपोर्ट में सामने आया कि राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध यात्री परिवहन जारी है और अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है. इसके पीछे स्थानीय स्तर पर आदेशों का सही क्रियान्वयन न होना और एसटी व आरटीओ विभागों के बीच समन्वय की कमी प्रमुख कारण बताए गए.
इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिए कि अवैध परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट हर 10 दिन में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. हालांकि, कई स्थानों पर इसका पालन नहीं होने और केवल दिखावटी कार्रवाई किए जाने पर नाराजगी जताई गई. बैठक में यह भी सामने आया कि एसटी द्वारा कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराए गए वाहनों का कुछ स्थानों पर निजी उपयोग किया जा रहा है. इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे दुरुपयोग को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मंत्री सरनाईक ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए. साथ ही, आरटीओ के सभी 59 कार्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, संयुक्त कार्रवाई का फोटो व लिखित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने और लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई. साथ ही अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए जीपीएस ट्रैकिंग, फोटो रिपोर्टिंग और स्वतंत्र जांच समिति जैसे उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा एसटी को अवैध मार्गों और वाहनों की जानकारी नियमित रूप से आरटीओ को देने को कहा गया है. सरकार का मानना है कि इन सख्त उपायों से राज्य में अवैध यात्री परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.





