अब रीसेल फ्लैट, घर खरीदते समय पता चलेगा बकाया ‘कर’ का

* खरीदारों का ठगी से होगा बचाव
* दस्तावेज पंजीकरण के लिए ‘आई-सरिता’ पोर्टल
अमरावती /दि.2 – पुराने फ्लैट की खरीदारी करते समय उस पर यदि किसी प्रकार का कर बकाया हैं, तो नए खरीदार के साथ होने वाली ठगी अब रोकी जा सकेंगी. नगर पालिका क्षेत्र में रीसेल फ्लैट या घर खरीदते समय यदि फ्लैट या घर पर कर बकाया होगा तो उसकी जानकारी दस्तावेज पंजीकरण के समय ही सीधे आई-सरिता पोर्टल पर उपलब्ध होगी. इससे बकाया कर वाले घर या फ्लैट का कर खरीदार के सर पर मढने की घटनाओे पर रोक लगेगी. और नगर पालिकाओं की बकाया कर राशि आसानी से वसूल कि जा सकेगी. मुंबई महापालिका को छोडकर राज्य की 28 महापालिकाओे मेंं यह सुविधा लागू की जाएंगी.
हर किसी के लिए लाखों रूपए देकर नया घर या फ्लैट खरीदना संभव नहीं होता. इसलिए कई लोग पुराने घर या फ्लैट खरीदने को प्राथमिेकता देते है. लेकिन कई बार घर या फ्लैट बेचते समय मालिक उस पर बकाया करो की जानकारी छिपा लेते हैं. वर्षो से लंबीत कर बकाया होने के कारण यह राशि कई बार लाखो रूपए तक पहुंच जाती हैं. घर खरीदने के बाद खरीदार को बकाया कर का नोटिस मिल जाता था. इस प्रकार की ठगी को रोकने के लिए सरकार ने ‘आई-सरिता’ पोर्टल शुरू किया हैं. इस नई व्यवस्था से दस्तावेज पंजीकरण के समय ही पहले की बकाया राशि की जानकारी मिल जाएंगी. जिससे खरीदार का आर्थिक नुकसान नहीं होगा.
महानगर पालिकाओं के साथ-साथ नगर पालिका क्षेत्रों में भी पुराने मकान/रीसेल फ्लैट खरीदते समय संबंधित करो की बकाया जानकारी दस्तावेज पंजीकरण के समय ही पता चल सकेगीं. राज्य के पंजीकरण एवं मुद्रांक शुल्क विभाग ने ‘आई-सरिता’ पोर्टल को नगर पालिकाओं की संपत्ति कर प्रणाली से जोडा हैं. संपत्ति कर प्रणाली से जोडने के कारण यह महत्व पूर्ण बदलाव लागू हुआ हैं. जेैसे ही पुराने घर के दस्तावेज पंजीकरण के लिए प्रविष्ठी की जाएंगी. संबंधित संपत्ति पर गृहकर व अन्य करो की बकाया जानकारी ‘आई-सरिता’ पोर्टल पर दिखाई देेगी. यदि बकाया हैं, तो उसे चुकाए बिना दस्तावेज पंजीकरण पुरा नहीं होगा.
* रीसेल घर या फ्लैट खरीदते समय ये सावधानिया बरते
– दस्तावेज पंजीकरण से पहले कर बकाया की जांच करें
– सोसायटी से नो ड्यूज सर्टिफिकेट ले
– विक्रेता के साथ लिखित समझौेते में बकाया कर की जिम्मेदारी स्पष्ट करें
– पंजीकृत दस्तावेजो की जांच के बाद ही लेन-देन करें
* कौन-कौन से कर बकाया हो सकते हैैं?
पुराने घर के मामले में गृह कर, पानी कर, शिक्षा कर, बिजली बिल आदि विभिन्न करो की बकाया राशि हो सकती हैं. इन सभी की जांच- पडताल करने के बाद ही पुराने घर या फ्लैट खरीदे.
* ‘आई-सरिता’ पोर्टल से पारदर्शिता
दस्तावेज पंजीकरण के समय ‘आई-सरिता’ पोर्टल पर कर संबंधि जानकारी दिखाई देंगी. इसमें स्थावर संपत्ति की पूरी जानकारी उपलब्ध होगीं. साथ ही, कितनी और किस प्रकार के करो की बकाया राशि हैं. यह भी स्पष्ट रूप से पता चलेगा. इससे खरीदार को पंजीकरण से पहले ही इस बारे में निर्णय लेने में मदद मिलेगीं.
* पुराने घर खरीदने वालो को बडी राहत
पुराने घर खरीदते समय उस पर कितना टैक्स बकाया हैं. यह पहले आसानी से पता नहीं चल पाता था. अब ‘आई-सरिता’ पोर्टल पर कर विभाग के डेटा को लिंक करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इससे भविष्य में घर की खरीद-फरोख्त का पंजीकरण करते समय कर बकाया की जानकारी भी उपनलब्ध होगीं. इससे पुराने घर खरीदने वालो को बडी राहत मिली हैं.
* बकाया कर के साथ घर थमा दिए जाते हैं
चालू वर्ष के कर का भुकतान कर उसकी रसीद दिखाकर, पिछली बकाया कर की राशि के साथ पुराने घर ग्राहको के सिर मढ दिए जाते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा.





