अकोला सरकारी मेडिकल कॉलेज में विवाद के बाद नर्सों का काम बहिष्कार
जनप्रतिनिधियों ने की हस्तक्षेप की कोशिश

अकोला/दि.16 – सरकारी मेडिकल कॉलेज और सर्वो उपचार अस्पताल में जनप्रतिनिधियों और नर्सिंग स्टाफ के बीच हुए विवाद के बाद नर्सों ने काम का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इस घटना से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
नर्स संघ ने आरोप लगाया है कि अस्पताल निरीक्षण के दौरान हुई बहस में नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे नर्सिंग स्टाफ में असुरक्षा और नाराजगी का माहौल है. नर्सों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा. विवाद बढ़ने के बाद शुक्रवार को कई राजनीतिक नेताओं ने विरोध स्थल का दौरा कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. इस दौरान अनूप धोत्रे और रणधीर सावरकर ने नर्सों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि डॉक्टर और नर्स स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत सिद्धांतों को बाधित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की, साथ ही प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की. इस विवाद के चलते अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है. प्रशासन द्वारा जल्द ही समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं पुनः सामान्य हो सके.





