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रोज 140 महिलाओ की पारिवारिक प्रताडना से मौत

संयुक्त राष्ट्र संघ की धक्कादायक रिपोर्ट

दिल्ली/दि.27- महिलाओं के लिए उनके अपने घर मौत के पिंजरे बन गए है. इस प्रकार की धक्का दायक जानकारी संयुक्त राष्ट्र की दो संस्थाओं की रिपोर्ट में उजागर हुई है. जिसके अनुसार रोज संपूर्ण विश्व में 140 महिलाएं और युवतियां घरेलू हिंसा का शिकार बनी है. उनकी परिजनों या जोडीदार व्दारा ही हत्या कर दी गई है. पिछले वर्ष 2023 की यह रिपोर्ट मंगलवार को अंतराष्ट्रीय महिला हिंसाचार निर्मूलन दिवस पर जारी की गई. रिपोर्ट में किसी देश का नामोल्लेख नहीं है. अमेरिका और अफ्रीका उपमहाव्दिप सहित अनेक भागों और देशों से डेटा जुटाने का दावा किया गया है.
2022 की तुलना में बढी मौतें
विश्व में 2023 में 51100 महिलाओं, युवतियों की घरेलू हिंसा में जान जाने का आंकडा रिपोर्ट में दिया गया है. यह भी कहा गया कि महिलां की मृत्यु के लिए परिवार का कोई सदस्य या साथीदार ही जवाबदार है. इसके पिछले वर्ष 2022 में इस प्रकार की हत्या की संख्या 48800 रही. स्पष्ट है कि 2023 में मृत्यु संख्या बढी है. यह समस्त दुनिया के लिए बडा चिंता का विषय है. यूएन विमेन और यूएन ऑफिस ऑफ द ड्रग्स एंड क्राइम इन दो संगठनों ने यह रिपोर्ट और निरीक्षण व्यक्त किया है. उनका दावा है कि कई देशों से उन्हें डेटा उपलब्ध हुआ है. जिस आधार पर वे यह निरीक्षण कर रहें हैं.
अफ्रीका में सर्वाधिक हत्याएं
अफ्रीका में साथीदार और पारिवारिक हिंसा में महिलाओं की हत्या का प्रमाण सर्वाधिक है. पिछले वर्ष वहां 21700 महिलाओं की जान इस प्रकार की हिंसा में चली गई. आबादी की तुलना में भी यहां शिकार की संख्या अधिक है. इन क्षेत्रों में प्रत्येक 1 लाख नागरिकों में 2.9 हत्या हुई है. अपने आप को विकसित और दुनिया का नंबर 1 देश बताकर रौब झाडता अमेरिका भी महिला मृत्यु के मामले में पीछे नहीं है. वहां प्रत्येक 1 लाख नागरिकों में 1.6 महिला की पारिवारिक हिंसा में जान गई है.

साथ रहने वाले ही मार डालते
यू एन विमेन की उपकार्यकारी संचालिका न्यारादजाई गुम्बोजवांडा ने बताया कि लंबे समय से साथ रहने वाले प्रिय व्यक्ति के हाथों महिलाओं की मौत हो रही है. यौन परंपरा और सामाजिक नियमों जैसी मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान न दिए जाने से यह समस्या विकराल हो रही है.

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