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कोपर्डी के नराधम ने जेल में खुद फांसी लगाकर दी जान

बलात्कार व हत्या के मामले में अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

* येरवडा जेल में बंद रहकर सजा मिलने का इंतजार कर रहा था जीतेंद्र उर्फ पप्पू शिंदे
पुणे /दि.11- समूचे राज्य में हडकंप मचा देने वाले कोपर्डी के बलात्कार व हत्या मामले में फांसी की सजा सुनाए गए जीतेंद्र उर्फ पप्पू शिंदे ने येरवडा जेल में खुद ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना रविवार को तडके उजागर हुआ. जब कारागार के पुलिस कर्मी सुबह 5.58 बजे गश्त लगाते हुए पप्पू शिंदे की बैरक के पास पहुंचे और उन्हें वह टॉवेल की सहायता से बनाए गए फांसी के फंदे पर लटका दिखाई दिया. पप्पू शिंदे ने टॉवेल की पट्टी के जरिए अपनी बैरक के दरवाजे से फांसी का फंदा बांधा था और उस पर लटककर अपनी जान दे दी.
बता दें कि, अहमदनगर जिले की कर्जत तहसील अंतर्गत कोपर्डी गांव में रहने वाली शालेय छात्रा पर बलात्कार करने के साथ ही पप्पू शिंदे ने उसे निर्ममतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया था. इस मामले की सुनवाई के बाद 27 नवंबर 2017 को अदालत ने जीतेंद्र उर्फ पप्पू शिंदे को दोषी करार देते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके बाद से जीतेंद्र शिंदे येरवडा जेल में बंद रहते हुए खुद को मृत्यु दंड मिलने का इंतजार कर रहा था. जहां पर सजा मिलने से पहले ही उसने खुद अपने ही हाथों फांसी के फंदे पर लटकते हुए खुद को मौत दे दी. हालांकि इस घटना के चलते जेल प्रशासन ने अच्छा खासा हडकंप व्याप्त है. क्योंकि फांसी की सजा प्राप्त अपराधी को हमेशा कडी निगरानी में रखा जाता है. ताकि वह खुद को किसी भी तरह का कोई नुकसान न पहुंचा सके. ऐसे में जीतेंद्र शिंदे द्बारा जेल की बैरक में कडी निगरानी के बीच रहते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने की घटना के चलते येरवडा जेल प्रशासन की निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाए जा रहे है.

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