
मुंबई/दि.8- राकांपा नेता शरद पवार ने पैंतरा बदलते हुए चुनाव आयोग में अर्जी दायर कर दी. जिसमें अजीत पवार सहित 40 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है. इस पर क्या नतीजा आता है, यह देखने वाली बात होगी. इस बीच अजीत पवार गुट के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने आत्मविश्वास से कहा कि हमने सभी कानूनी पहलू देख परखने के बाद ही महायुति में जाने का निर्णय किया है. ऐसी अर्जियों से हमारा कुछ नहीं बिगडेगा.
राकांपा के एक बडे गुट ने गत जुलाई में अचानक शरद पवार का साथ छोड दिया. वे आननफानन में शिंदे सरकार में सहभागी हो गए. अजीत पवार ने इस बगावत का नेतृत्व किया. 9 विधायक मंत्री बनाए गए. उसके बाद दो बार विद्रोही विधायक, नेता शरद पवार से मिले भी. शरद पवार ने पार्टी में विभाजन की बात से इंकार किया. उनका दो माह तक यही रवैया रहा. अचानक पवार ने रुख बदला है. चुनाव आयोग में आवेदन दिया है. अजीत दादा सहित 40 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग आयोग के सामने कर दी है. अजीत दादा गुट इसका क्या उत्तर आयोग के सामने देगा, यह देखने वाली बात होगी. एक बात स्पष्ट हो गई है कि आखिरकार शरद पवार ने पार्टी में फूट मान्य की है.