इस सरकार का मुंह देखने की भी इच्छा नहीं
मराठा आंदोलक मनोज जरांगे का हल्लाबोल

* अंतरवाली सराटी गांव में हुए लाठीचार्ज को किया याद
छ. संभाजी नगर./दि.1 – अंतरवाली सराटी गांव में हुये लाठीचार्ज की घटना को हम अब तक भुले नहीं है. उस घटना में हमारी माताओं व बहनों का खुन बहा था और उस घटना की याद आते ही इस सरकार का मुंह देखने की भी इच्छा नहीं होती. इस आशय के शब्दों में मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटिल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाली राज्य सरकार पर निशाना साधा है.
मनोज जरांगे के मुताबिक उस घटना की याद आते ही आज भी उनके रोंघटे खडे हो जाते है. जान बचाने हेतु होने वाली चीखपुकार, खुन से सनी जमीन, हर ओर फैला आसू गैस का धुआं, माताओं-बहनों के कातर स्वर और उन पर पुलिस द्वारा किये जाते अमानवीय लाठीचार्ज की घटना आज भी याद आती है और लगता है कि, सरकार ने इतना निर्दयी व अमानवीय भी नहीं होना चाहिए. जरांगे पाटिल के मुताबिक उस दिन पुलिस ने जानबुझकर अनशन स्थल के भीतर घुसकर लाठीचार्ज किया था और वहां से आवाज बाहर न जा सके, इस हेतु साउंड सिस्टिम की वायर को काट दिया गया था. साथ ही साधे वेश में रहने वाले पुलिस वालों ने ही लोगों को एक-दूसरे पर धकेला था. यह सबकुछ उन्होंने अपनी आंखों के सामने देखा था और उसी दिन यह तय कर लिया था कि, जिस मांग के लिए उनकी माताओं व बहनों का खुन बहा, वे उस खुन को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और मराठा आरक्षण की मांग पूरी होने तक सरकार के साथ अपना संघर्ष जारी रखेंगे. इसके साथ ही मनोज जरांगे पाटिल ने यह घोषणा भी कर डाली कि, भले ही उनकी जान ही क्या न चली जाये, लेकिन मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में आंदोलन तो होकर रहेगा.