
बुलढाणा/दि.26 – अपने बेटे के सिर पर लोहे की रॉड मारकर उसे निर्ममतापूर्वक मौत के घात उतारनेवाले पिता को मेहकर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह फैसला मेहकर के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सागर मुंगीलवार द्वारा सुनाया गया. सजा सुनाए गए आरोपी का नाम माणिक केशव राठोड (पारडी, तह. मेहकर) बताया गया है.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक पारडी गांव निवासी माणिक राठोड पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी व बेटे रवि राठोड से अलग रहा करता था. हालांकि रवि अपने पिता माणिक राठोड की मोटरसाइकिल का ही प्रयोग करता था और रवि ने अपने पिता से पूछे बिना उनकी मोटरसाइकिल को गिरवी रखते हुए कर्ज निकाला था. जिसे लेकर दोनों बाप-बेटे में अक्सर ही झगडा हुआ करता था. यह झगडा इतना अधिक बढ गया कि, 20 अक्तूबर 2020 को शाम 6 बजे माणिक राठोड ने पारडी में ही रहनेवाले उमेश पवार के घर के पास अपने बेटे रवि राठोड के सिर पर लोहे की रॉड दे मारी. इस समय सिर पर जबरदस्त चोट लगने की वजह से रवि राठोड की मौत हो गई थी. हत्या की यह वारदात रवि राठोड की पत्नी की आंखों के सामने घटित हुई थी. साथ ही इस मामले में माणिक राठोड के खिलाफ उसके दूसरे बेटे व मृतक रवि राठोड के भाई मंगेश राठोड ने जानेफल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके आधार पर माणिक राठोड के खिलाफ भादंवि की धारा 302 के तहत अपराधिक मामला दर्ज किया गया था और उसे गिरफ्तार करने के साथ ही एपीआई दीपक मसराम ने जांच पूरी कर मेहकर की अदालत में चार्जशीट पेश की थी. जहां पर सरकारी अभियोक्ता पोकले व विशेष सरकारी अभियोक्ता एस. एम. खत्री ने प्रभावी युक्तिवाद करते हुए आरोपी को कडी से कडी सजा दिए जाने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान तमाम सबूतों और गवाहों सहित युक्तिवाद को ध्यान में रखते हुए मेहकर के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सागर मुंगीलवार ने माणिक राठोड को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.