राज्य के कारागृहों में आधे से अधिक युवा कैदी
बिहार व उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर

नागपुर/ दि.18-राज्य के कारागृहों में आधे से अधिक युवा कैदियों की संख्या है. कारागृहों में कैद 38 हजार कैदियों में से लगभग 52 फीसदी युवा कैदियों की संख्या है. बिहार व उत्तर प्रदेश के बाद युवा कैदियों के मामले में महाराष्ट्र राज्य तीसरे स्थान पर है. राज्य के सभी कारागृहों में सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों की संख्या लगभग छह गुना है.
राज्य के कारागृहों में क्षमता की अपेक्षा अधिक कैदी है. जिसमें महिला कैदियों का भी बडे प्रमाण में समावेश है. 5 से 8 हजार कैदी न्यायालय व्दारा सजा दिए जाने के पश्चात राज्यभर के कारागृह में सजा काट रहे है. वहीं 32 हजार 559 कैदी न्यायालयीन बंदी है. कुछ कैदियों की न्यायालय में सुनवाई शुरु है तो, कुछ कैदियों को जमानत न मिलने की वजह से उन्हें कारागृह में रखा गया है.
महिला कैदियों की संख्या 1700
राज्य के कारागृहों में 140 महिलाएं सजा भुगत रही है. वहीं 1294 युवतियां मामूली अपराधों में कैद में है. हत्याकांड में सहभागी, आत्महत्या के लिए प्रवृत्त करने व देह व्यापार तथा जान से मारने का प्रयास करने के अपराध में सर्वाधिक युवतियां कारागृह में सजा भुगत रही है.
राज्य की स्थिति
18 से 40 आयु गट के लगभग 52 फीसदी युवा कैदी है. इन युवा कैदियों में आक्रमता अधिक रहने की वजह से इन पर विशेष ध्यान रखा जाता है. अनेक बार उनमें आपस में वाद-विवाद के चलते मारपीट हो जाती है. जिसमें उन्हें कुछ समय के लिए अंडा सेल में रखा जाता है. ऐसी जानकारी पुणे कारागृह के उपनिरीक्षक कार्यालय व्दारा दी गई.
नागपुर-मुंबई कारागृह में सर्वाधिक युवा कैदी
नागपुर व मुंबई कारागृह में सर्वाधिक युवा कैदी है. इन दोनो शहरों में बेरोजगारी, अपराधिक गतिविधियां, आक्रमक जीवनशैली और व्यसन के चलते यह सभी युवा अपराधो से जुडे है. मुंबई-नागपुर में सर्वाधिक अपराध युवाओं के खिलाफ ही दाखिल किए जाते है. जिसके पश्चात उनकी रवानगी कारागृह में की जाती है.