अब सभी व्यवसायिक वाहनों पर मराठी में लिखने होंगे संदेश
गुढीपाडवा के मुहूर्त से होगी शुरुआत

* परिवहन मंत्री ने आरटीओ को दिया निर्देश
मुंबई/दि.25 – केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र की मातृभाषा रहनेवाली मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिया है. जिसके चलते विगत लंबे समय से महाराष्ट्र द्वारा की जा रही मांग पूरी हो गई है. साथ ही अब मराठी भाषा के प्रचार व प्रसार हेतु विभिन्न स्तर पर विशेष कदम भी उठाए जा रहे है. जिसके तहत राज्य सरकार ने राज्य की प्रत्येक शाला में मराठी भाषा को अनिवार्य कर दिया है. साथ ही अंग्रेजी माध्यम वाली शालाओं में भी मराठी विषय पढाना अब जरुरी कर दिया गया है. साथ ही साथ अब सरकार द्वारा कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे है. जिसके तहत आगामी गुढीपाडवा से शुरु हो रहे मराठी नववर्ष का मुहूर्त साधते हुए राज्य में परिवहन विभाग के मार्फत पंजीकृत किए गए प्रत्येक व्यवसायिक वाहन पर लिखे जानेवाले सामाजिक संदेश मराठी में ही लिखे जाने चाहिए, ऐसे निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने परिवहन विभाग को दिए है.
बता दें कि, राज्य में पंजीकृत रहनेवाले ट्रक व ट्रैवल्स जैसे विभिन्न व्यवसायिक वाहनों पर हिंदी अथवा अन्य भाषा में सामाजिक संदेश, विज्ञापन व प्रबोधनात्मक जानकारी लिखी होती है, परंतु इसकी वजह से मराठी भाषा के प्रचार व प्रसार में बाधा आती है. ऐसे में यदि ऐसे सामाजिक संदेश व प्रबोधनात्मक जानकारी मराठी भाषा में लिखे जाए तो महाराष्ट्र की जनता को ज्यादा उपयुक्त जानकारी मिलेगी तथा मराठी भाषा का प्रचार व प्रसार भी होगा, ऐसा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा कहा गया है. साथ ही उन्होंने राज्य के परिवहन आयुक्त को इस निर्देश पर आगामी गुढीपाडवा के मुहूर्त से ही अमल करने का आदेश भी दिया है.