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अब शिवसेना व मनसे आमने-सामने

दादर में सेना के बैनर को मनसे सैनिकों ने निकाल फेंका

मुंबई /दि.2- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने गंगा नदी के प्रदूषण को लेकर पार्टी के गुढीपाडवा सम्मेलन में केंद्र सरकार की आलोचना की थी. ऐसे में अब उनके बयान को लेकर राज्य में राजनीति होती दिखाई दे रही है. जिसके तहत डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाली शिवसेना द्वारा मुंबई में बैनर लगाकर पूछा जा रहा है कि, ‘गंगाजल तो शुद्ध ही है, लेकिन कुछ लोगों के विचारों का क्या?’ शिंदे गुट के पूर्व पार्षद समाधान सरवणकर ने दादर परिसर में ऐसे बैनर लगाए है. इसी निर्वाचन क्षेत्र से राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ सदा सरवणकर ने विधानसभा का चुनाव लडा था. ऐसे में शिंदे समर्थक सरवणकर द्वारा लगाए गए बैनर को लेकर अब मनसे की और से संतप्त प्रतिक्रिया दी जा रही है. जिसके तहत मनसे सैनिकों ने दादर परिसर में लगे सभी बैनर व पोस्टर हटा दिए है. ऐसे में अब इस मुद्दे को लेकर शिवसेना व मनसे के पदाधिकारी आमने-सामने होते दिखाई दे रहे है.
बता दें कि, गुढीपाडवा के मुहूर्त पर आयोजित पार्टी सम्मेलन में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा था कि, कुंभमेले से लौटने के बाद बाला नांदगांवकर ने उनके लिए गंगाजल लाया था. लेकिन उन्होंने उस गंगाजल का सेवन नहीं किया था. उस समय नए-नए हिंदुत्ववादियों को लगा था कि, उन्होंने कुंभमेले का अपमान किया है. परंतु हकिकत यह है कि, आज हमारे देश में नदियों की अवस्था काफी बिकट हो गई है. कुंभमेले में करोडों लोग गए थे. जिनके मलमूत्र विसर्जन की वजह से गंगा नदी का पानी निश्चित तौर पर दूषित हुआ होगा. राज ठाकरे के इस बयान को हिंदूत्व का अपमान बताते हुए शिवसेना की ओर से बैनर लगाकर सवाल पूछा गया कि, गंगाजल तो पूरी तरह शुद्ध है, लेकिन कुछ लोगों के विचार दूषित है.

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