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यवतमाल/ दि. 26- टीपेश्वर अभयारण्य की मादा बाघ पीसी के गले में गत 1 फरवरी से फंसा तार का फांस निकालने में जंगल महकमे को 23 दिनों बाद सफलता मिली. मादा बाघ को तीर चलाकर बेहोश किया गया. फिर उसके गले से लोहे के तार का फांस हटाया गया. अमरावती की वन महकमे की टीम ने यह दुष्कर कार्य किया और फिलहाल उपचार के लिए मादा बाघ को पिंजरे में बंद किया गया है. डॉ. रणजीत नाले के मार्गदर्शन में उसका उपचार किए जाने की जानकारी वन महकमे ने मीडिया को दी%
अमरावती प्रादेशिक वन विभाग अंतर्गत कार्यरत शीघ्र बचाव दल के अमोल गावनेर और साथियों ने पांढरकवडा के पशु संवर्धन अधिकारी डॉ. नाले की उपस्थिति में बचाव अभियान चलाया. पाटनबोरी वन परिक्षेत्र के पीलखान नियत क्षेत्र में मादा बाघ को डॉर्ट मारकर अचेत किया गया. फिर गले से फांस निकाला गया.