चोरी के वाहन पंजीयन मामले में कार्रवाई हुए आरटीओ अधिकारियों की संख्या हुई 6

नागपुर /दि.4- दूसरे राज्यों से चुराये गये भारी वाहनों के रजिस्ट्रेशन मामले में विदर्भ के विविध आरटीओ कार्यालयों में पंजीयन प्रक्रिया करवाने को लेकर कार्रवाई हुए आरटीओ अधिकारियों की संख्या अब 6 पर पहुंच गई है. वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई को नियमबाह्य बताते हुए संतप्त आरटीओ अधिकारियों के संगठन ने आंदोलन करने की संभावना को टटोलना शुरु कर दिया है.
इस मामले में कार्रवाई का सामना करने वाले अधिकारियों में नागपुर ग्रामीण के दो तथा पूर्वी नागपुर ग्रामीण में कार्यरत रह चुके व इस समय गडचिरोली में कार्यरत उदयसिंग पाटिल सहित अमरावती आरटीओ के तीन अधिकारियों का समावेश है. परिवहन आयुक्त कार्यालय से जारी हुए कार्रवाई के आदेश के चलते इन सभी अधिकारियों को अब आरटीओ कार्यालय में केवल अकार्यकारी स्वरुप के काम ही दिये जाएंगे. वहीं इस मामले को लेकर आरटीओ अधिकारियों के संगठन का कहना रहा कि, इस मामले में पुलिस की गलत जानकारी के आधार पर गलत कार्रवाई हुई है और पूरे मामले में आरटीओं अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे में इस नियमबाह्य कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही संगठन द्वारा आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है.
* क्या था मामला?
पुणे पुलिस ने पुणे कृषि उत्पन्न बाजार समिति परिसर से चोरी के 2 भारी वाहन जब्त किये थे. जिसकी जांच के दौरान संबंधित कंपनी से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि, इन वाहनों का फर्जी दस्तावेजों के जरिए नागपुर ग्रामीण व अमरावती आरटीओ कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन कराया गया था. जिसके बाद पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने नागपुर व अमरावती आरटीओ कार्यालय पहुंचकर जांच शुुर की और अमरावती आरटीओ के तीन अधिकारियोें को गिरफ्तार भी किया था. साथ ही नागपुर ग्रामीण आरटीओं कार्यालय के जरिए विगत 3 वर्षों के दौरान रजिस्ट्रेशन करते हुए पासिंग किये गये पूर्वोत्तर राज्यों से वास्ता रखने वाले वाहनों की जानकारी को संकलित किया गया. वहीं इस मामले में पुणे पुलिस सहित राज्य परिवहन विभाग ने भी नाशिक के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रदीप शिंदे के नेतृत्व में जांच शुरु करवायी.