चिखलदरा का प्रसिद्ध होटल ‘सातपुडा’ कबाड होने की स्थिति में
नगर परिषद को हर साल होगा 10 लाख का नुकसान

* नपा के मुख्याधिकारी की लापरवाही मुख्य कारण
चिखलदरा/दि.18-चिखलदरा पर्यटन नगरी का मुख्य आकर्षण तथा पर्यटकों की पसंद कहे जाने वाले सातपुडा हॉटेल को सील लगने के कारण जहां यह इमारत कबाड होने की स्थिति में आ गई हैं, वहीं इससे मिलने वाले 10 लाख रुपए के राजस्व से भी नगर परिषद को हाथ धोना पडेगा.
ज्ञात रहे कि, चिखलदरा नगरपरिषद के मालकियत रहे सातपुडा हॉटेल करीब 311 एकड के जगह में प्रस्तावित है. जिसे पिछले 23 सालों से अकोट के झुनझुनवाला द्वारा चलाई जा रही थी. शुरुआत से ही यह हॉटेल चिखलदरा की शान रही है तथा सैलानियों की पहली पसंद रही थी. यहां का लोकेशन, यहां की व्यवस्था तथा सुविधा, सेवा पर्यटकों की पहली पसंद रही थी. लेकिन 31 दिसंबर 2023 को इसका एग्रीमेंट खत्म होने के कारण 1 जनवरी को तत्कालीन मुख्याधिकारी प्रांजले द्वारा बगैर किसी नियोजन किए इसे सील लगा दिया. इस इमारत को किसी दूसरे को देने के लिए निविदा नहीं निकाली गई तथा एक निजी व्यक्ति को रोजंदारी से चलाने दे दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के तथा जिले के दो राजनीतिक पदाधिकारी इसे लेने के लिए रेस में थे. मगर यहां विवाद आने के कारण जिलाधिकारी अमरावती द्वारा जस की तस स्थिति में रखने के आदेश देने के चलते यह इमारत यहां पडे-पडे कबाड हो जाएगी तथा यहां के सामान की भी चोरी भी हो सकती है. इसके पूर्व ऐसी ही एक नपा की इमारत हॉटेल सूर्या नियोजन शून्यता नगरपरिषद की के कारण कबाड हो गई है. वहीं साल के मिलने वाले लाखों के राजस्व से भी नपा को वंचित रहना पड रहा है. इसलिए इस ओर ध्यान देकर इसके जल्द से जल्द शुरु करने के प्रयास होने चाहिए.