अन्य

महाराष्ट्र में काले तेंदुए की संख्या में वृध्दि

रत्नागिरी, भंडारा वनविभाग में भी विचरण

नागपुर/दि.16– मध्यप्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में भी तेंदुए की संख्या में वृध्दि में होने की फरवरी माह में आयी एक रिपोर्ट में स्पष्ट हुई है. मगर अब महाराष्ट्र में सर्वसाधारण तेंदुएं के साथ ही काले तेंदुए (मेलेनिस्टिक) की संख्या बढ रही है. राज्य के पेंच, ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प सहित नवेगांवबांध राष्ट्रीय उद्यान, रत्नागिरी और अब भंडारा वनविभाग में भी काले तेंदुए का विचरण देखा गया है.
भंडारा जिले के लेंडेझरी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के कर्मचारी की एम्बुलेंस में यात्रा करते समय लोहारा-लेंडेझरी रस्ता से लगकर जंगल में उन्हें काला तेंदुआ दिखाई दिया. उन्होंने उसका फोटो भी निकाला. वन्यप्राणियों केशरीर में मेलेनिन इस रंग द्रव्य का प्रमाण बढने से उनकी चमडी का रंग बहुत गहरा हो जाता है. यह तेंदुआ लेडेझरी के जंगल में अन्य पर्यटन क्षेत्र से आने की आशंका है. विगत कई महीने से वह परिसर में दिखाई दे रहा है. मगर उसे देखने वालों की गर्दी न हो इसके लिए सुरक्षा की दृष्टि से भंडारा वनविभाग व्दारा उसका समाचार प्रकाशित नहीं किया गया. मगर तीन दिनों पूर्व लेंडेझरी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के कर्मचारियों ने इस काले तेंदुए की खींची तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से परिसर में गस्त बढ गयी है.
इसके पूर्व नवेगांव -नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प अंतर्गत साल 2021 में गणना के दौरान नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान में काला तेंदुआ होने की बात दर्ज की गई थी. मगर 2013 में नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प में इसी काले तेंदुए का शिकार भी सामने आया था.

यहां दिखाई दिया काला तेंदुआ
2018 वर्ष में ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में कोलसा पर्यटन प्रवेश व्दार के पास काले तेंदुए की उपस्थिती दर्ज की गई थी. 2021 में यह पर्यटकों को दिखाई भी दिया था. उसके बाद मार्च 2023 में मदनापुर प्रवेशव्दार के पास तेंदुआ के दो शावक दिखाई दिए थे. जिसमें से एक बहुत काला व दूसरा कम काला था. इस व्याघ्र प्रकल्प में चार काले तेंदुए है. जून 2024 में रत्नागिरी जिले में काला तेंदुआ की उपस्थिती दर्ज की गई थी. पश्चिम घाट में आंबोलिया जंगल में फरवरी 2024 में काला तेंदुआ दिखाई दिया था. महाराष्ट्र के पेंच व्याघ्र प्रकल्प में कुछ महीने पूर्व काला तेंदुआ देखा गया.

वर्ष भर से इस स्थान पर वास्तव्य
किसी भी संर्घष के बिना यह काला तेंदुआ लेंडेझरी, नाकादोंद्री और जामकांद्री परिसर में घूम रहा है. इसी परिसर में उसने अब तक 100 चौरस किलोमीटर के क्षेत्र में विचरण किया है. इसके पूर्व भंडारा वनविभाग में काला तेंदुआ कभी भी दिखाई नहीं दिया. जिसके कारण वह खवास से पेंच, नवेगांव- नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के कॉरिडोर में आने की आशंका है. विगत वर्ष भर से यह इस स्थान पर है. मगर हमने इस बात को रोके रखा.
शाहीद खान, वन्यजीव रक्षक, भंडारा

Back to top button