100 से अधिक डॉक्टर, स्टाफ होंगे नियुक्त
मेलघाट में बारिश से पहले स्वास्थ्य सेवाओं को बल

* * वित्त आयोग और एनएचएम का फंड
अमरावती/दि.25- बारिश के सीजन से पहले मेलघाट के जनजातीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और 15वें वित्त आयोग से उपलब्ध फंड से 100 से अधिक डॉक्टर्स, स्टॉफ नर्स और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता एमपीडब्ल्यू की नियुक्ति की जा रही है. अधिकृत सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि, 37 चिकित्सक की भर्ती होगी. इतने ही स्टाफ नर्स और एमपीडब्ल्यू की नियुक्ति की जा चुकी है. स्वास्थ्य महकमे को हर हाल में मेलघाट से कुपोषण का कलंक मिटाने का लक्ष्य दिया गया है. बाल मृत्यु रोकने के प्रयास होंगे. जिला परिषद के सीईओ अविश्यांत पंडा ने भी जरुरी तैयारी की पुष्टि करते हुए बताया कि, एमबीबीएस डॉक्टर्स को प्राथमिकता दी जा रही है. फिर उपलब्ध चिकित्सक की सेवाएं ली जाएगी. विशेषकर बारिश के तीन माह दोनों तहसीलों धारणी एवं चिखलदरा के दुर्गम गांवों में खास ध्यान दिया जाएगा.
* कुपोषणग्रस्त शब्द हटाना
मेलघाट में बरसों से बच्चों के कुपोषण का मुद्दा चर्चा में रहा है. सरकार के कदम और प्रयास अधूरे रहे हैं. इस बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से भरपूर फंड आया है. उसका उद्देश्य जनजातीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है. बारिश के मौसम में कई गांवों का संपर्क कट जाता है. जिससे बच्चें कुपोषण का शिकार होने पर भी उपचार उपलब्ध नहीं होता. इस बार स्वास्थ्य विभाग को मानव संसाधान उपलब्ध करवाया जा रहा है. कुपोषणग्रस्त शब्द ही हटा देना है.
* कई प्रकार की दिक्कतें
जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग में 37 डॉक्टर्स, 37 नर्स और उतने ही एनपीडब्ल्यू की भर्ती परीक्षा के समय ही मेलघाट के दुर्गम भागों में पेश आनेवाली दिक्कतों के विषय में भी अंदाज दिया है. बारिश के दिनों में वहां परेशानी बढ जाती है. लोगों में साक्षरता का प्रमाण कम होने से वे लोग आधुनिक उपचार की बजाए परंपरागत भुमका से उपचार कराने पर जोर देते रहे हैं. ऐसे ही गांवों में पहुंचने की भी समस्या है. घना जंगल और दुर्गम क्षेत्र है. जहां घुमावदार सडके होने से पहुंचने में दिक्कत रहती है. जिला परिषद 111 लोगों की नियुक्ति कर रहा है. ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को बल प्राप्त हो.