
* कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले का आरोप
नागपुर/ दि.27– राज्य में फिलहाल शुरू रहा ओबीसी – मराठा विवाद यह सरकार प्रायोगिक है. इस कारण निर्माण हुई सामाजिक अशांंतता के कारण 50 हजार से अधिक छोटे-बडे उद्योग राज्य के बाहर जाने का आरोप प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने किया है.
नागपुर में 28 दिसंबर को होनेवाली कांग्रेस की जनसभा निमित्त पटोले नागपुर में है. उन्होंने मंगलवार की शाम यह वक्तव्य किया. राज्य की महागठबंधन सरकार चुनाव के मुहाने पर ओबीसी और मराठा समाज में विवाद करवाने का प्रयास कर रही है. इस कारण राज्य में अशांतता निर्माण हुई है. इसका असर उद्योग जगत को लगा है. 50 हजार से अधिक छोटे बडे उद्योग राज्य के बाहर गए है. ‘फोडो और राज करो’ यह भाजपा की नीति है. इसके लिए दो समुदाय में दरार निर्माण की जा रही है. लेकिन उन्होंने कितने भी प्रयास किए तो भी महाराष्ट्र की सामाजिक एकता इतनी मजबूत है कि वह बिखरेगी नहीं. सरकार को यह विवाद निपटाना हो तो उन्होंने जाति निहाय जनगणना करनी चाहिए. लेकिन वह क्यों नहीं की जा रही है, ऐसा सवाल भी पटोले ने किया. हाल ही में हुए विधिमंडल के अधिवेशन में हमने जनता के प्रश्न रखने का प्रयास किया. लेकिन इसका जवाब सरकार की तरफ से नहीं मिला. किसानों के प्रश्न पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया भाषण यह मानसून अधिवेशन में किया हुआ ही भाषण था. मराठा आरक्षण को लेकर हुआ उनका भाषण भाजपा द्बारा लिखकर दी हुई स्क्रिप्ट थी, ऐसा आरोप भी नाना पटोले ने किया.