वैनगंगा- नलगंगा प्रकल्प को जल आयोग मंजूरी का मार्ग खुला
विदर्भ के 8 जिलों का चित्र बदलेगा

* प्रकल्प निर्धारित समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य
नागपुर/ दि.28 – वैनगंगा- नलगंगा नदी जोड प्रकल्प विदर्भवासियों के लिए महत्वकांक्षी प्रकल्प है. इस प्रकल्प के कारण विदर्भ की निर्मित सिंचन क्षमता प्रतिशत बढाने में सहायता होनेवाली है. इस प्रकल्प के लिए 94 हजार 967 करोड 66 लाख रूपए की प्रशासकीय मंजूरी अधिवेशन कालावधि में दी गई है. इस कारण इस महत्वकांक्षी प्रकल्प को अब सही मायने में गति मिलने वाली है. केन्द्रीय जल आयोग व पर्यावरण की मंजूरी मिलना सुलभ हुआ है.
नदी जोड प्रकल्प के कारण विदर्भ के 8 जिलों का चित्र बदलनेवाला है. 4 लाख 4 हजार 281 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचन के तहत आनेवाला है. इसके लिए 63.73 टीएमसी पानी उपलब्ध होनेवाला है. नदी जोड प्रकल्प के तहत 32 नये बांधों का निर्माण होनेवाला है. 18 पुराने बांधों का इसके लिए इस्तेमाल होनेवाला है. विदर्भ के लिए वर्धा साबित होनेवाला यह प्रकल्प निर्धारित समय में पूर्ण करने की दृष्टि से मुख्यमंंत्री प्राथमिकता कक्ष के तहत इस प्रकल्प का नियंत्रण हो रहा है. इस प्रकल्प के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ 1125 हेक्टेयर वन जमीन आवश्यक है. वन जमीन अधिग्रहण बाबत प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा रहा हैं. साथ ही इस प्रकल्प के कारण पर्यावरण पर होनेवाला परिणाम और उस पर की जानेवाली उपाय योजना आदि बातो को ही प्राथमिकता दी गई है. यह प्रकल्प ठिकानों की दृृष्टि से महत्व का रहने के कारण इस काम में गति देने की सूचना मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने दी है.
वैनगंगा -नलगंगा नदी जोड योजना के जरिए गोदावरी घाटी के प्राणी का उपघाटी के वैनगंगा नदी के गोसीखुर्द प्रकल्प से प्राप्त जल का उपयोग विदर्भ की 8 परियोजनाओं में कोई परिवर्तन किए बगैर उंचाई बढाने के लिए प्रस्तावित 10 परियोजनाओं और 49 प्रकल्पों सहित 32 नये प्रकल्पों के माध्यम से 388. 28 किलोमीटर लंबी लिंकिंग नहर के द्बारा नई सिंचाई क्षमता सृजित करने के लिए किया जायेगा. इसमें भंडारा, नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला, बुलढाणा और वाशिम समेत 8 जिले शामिल है. राज्यस्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति ने इस परियोजना की प्रशासनिक मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. मंत्रिमंडल द्बारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है.





