‘नये साल में मेरा भी काम बना देना, मेरे घर आ जाना ….’
सतीधाम में थर्टी फर्स्ट को उमडे हजारों श्रध्दालु

* नरेश प्रजापत द्बारा प्रस्तुत सुमिरन कीर्तन सुपर हिट
* दीवाने बाबा के परिवार ने आयोजन को बनाया संस्मरणीय
अमरावती/ दि. 1 -गुजरते अंगे्रजी वर्ष के आखरी दिन बीते तीन वर्षो से भजन संध्या सुमिरन कीर्तन का आयोजन कर रहे दीवाने बाबा के परिवार ने इस बार भी ऐसा धमाकेदार आयोजन किया कि हजारों श्रध्दालु आनंद से सराबोर हो उठे, थिरक उठे. श्याम बाबा और भगवान श्री रामदेव बाबा की भक्ति से झूमने विवश हो गये. आयोजन सभी मायने में यादगार रहा. फिर वह जस गायक नरेश प्रजापत, सुमित बावरा या जय जोशी की जोरदार प्रस्तुति हो या सतीधाम मंदिर में की गई गुब्बारों, फूलों की लडियों और श्याम सांवरिया खाटू नरेश की अद्बितीय, अलौकिक सजावट हो. दीवाने बाबा के परिवार के सभी सदस्यों और उनके परिजनों, मित्रजनों ने आयोजन में अपने उत्स्फुर्त सहभाग से उसकी गरिमा, शोभा बढा दी थी. यह भी उल्लेखनीय है कि यह सतत चौथा वर्ष रहा. गत रात का यह आयोजन यादगार बन गया था.
मन भावन झांकी और भजनों की प्रस्तुति
अंग्रेजी नव वर्ष के अंतिम दिन ना होटल जाएंगे ना डिस्को जाएंगेे नया साल बाबा के श्री चरणों में मनाएंगे की घोषणा कर दीवाने बाबा के परिवार द्वारा आयोजित सुमिरन कीर्तन कार्यक्रम को ऐसा जबरदस्त प्रतिसाद मिला की सती धाम मंदिर में पैर रखने को भी जगह शेष न बची, देर रात्रि तक भक्त राजस्थान से पधारे श्री नरेश प्रजापत के साथ भक्तगण आज कीर्तन में रस बरसाओ आओजी श्याम आओजी आओ…. सांवरिया सेठ दे दे मंडफिया रा मालिक दे दे थारे भरियो रे भंडार टोटो ना पड़े रे ….., गाड़ी मारी सीधी रुणिचा जाई… ईमें बैठ चलो मीराबाई … तू कृपा कर बाबा कीर्तन कराऊंगा कीर्तन कराउ ऐसा इतिहास रचा दूंगा ….माहरी माता जी ने सोहे लाल चुनडी जी में सोहे मोतिहारी जड़ी ….नाथ मैं थारो जी थारो,नाथ मै थारो जी थारो,चोखो बुरो कुटिल अरु कामी,जो कुछ हूँ सो थारो….चौसठ जोगणी रे भवानी,देवलिये रमजाय,घूमर घालणि रे भवानी,देवलिये रमजाय ….भजनों की ताल पर थीरकते रहे । श्याम जगत के सुमित (बावरा) ने राजस्थान के पांच शक्ति लोक देवता रणथंबोर के श्री गणेशजी, झुंझुनू की सेठानी श्री रानीसती दादीजी, खाटू के श्री श्यामबाबा, रुणिचा के श्री रामदेवबाबा, सालासर के श्री हनुमानजी महाराज ,राजसमंद के सांवरिया सेठ अनेका अनेक देवी देवताओं का सुमिरन कर सुमिरन कीर्तन की शुरुआत की उसी श्रृंखला में जम्मा गायक जय जोशी ने रामदेवबाबा के भजनों की प्रस्तुती दी. राजस्थान की म्यूजिशियन टीम ने इनका साथ दिया. रात 12 बजते ही पटाखे की आतिशबाजी की गई जय श्री श्याम… जय दादी…की जय बाबा री… जय श्री राम…के जय घोष से पूर्ण परिसर गूंज उठा।सुमिरन कीर्तन का चतुर्थ महोत्सव का आयोजन सराहनीय रहा. सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया था. आयोजन स्थल पर दो बड़ी एलइडी स्क्रीन लगाई गई थी बाबा का अलौकिक शृंगार फूलों से सजाया गया था इत्र की वर्षा भक्तों पर की गई बाबा की अखंड ज्योत मैं आहुति डालने लंबी कतारे लगी हुई थी, छप्पन भोग, 3100 लड्डू का व 1 क्विंटल की साबूदाना खिचड़ी ,600 लीटर मेवा दूध का भोग अर्पित कर भक्तों में वितरण किया गया। पूर्ण परिसर गुब्बारों व रंग बिरंगी लाइटिंग डेकोरेशन से सजाया गया था. दीवाने बाबा के परिवार के सर्वश्री संजय झुनझुनवाला, जय जोशी , लकी पांडे , हस्तीमल टेलर , विजय जोशी , विश्वनाथ पांडे , राजेश्वर पांडे , अशीष लड्ढा , अक्षय व्यास , गोपाल भूतडा , कार्तिक व्यास , सुमित बावरा, सागर गुप्ता ,आनंद सिंघानिया , मुकेश साबू , दीपक राठी , प्रणय साहू , अनिकेत श्रीवास , राजेश चांडक रिध्दपुर, जितेंद्र टेलर , अंकित राठी , श्रीराम अटल , नीलू झुनझुनवाला, वर्षा जोशी, प्राची जोशी, अक्षरा व्यास ,दीपा लड्ढा, गायत्री राठी , दीपिका साबू, योगिता टेलर ,सोनाली भूतडा, शिखा अटल ,दीपाली टेलर ,शीतल पांडे ,आकांक्षा श्रीवास, श्रुति गुप्ता, टीना पांडे, सुचेता राठी, पूनम साहू, अन्नपूर्णा व्यास ,शीला पांडे ,किरण गांधी, अर्चना पारीक, तेजस्विनी पवार, ममता जांगिड़राजेश ,सुनीता सेवानी ,राजेश व्यास, ऋषिकेश व्यास, प्रशांत शर्मा, शुभम पांडे, अशोक जोशी, पवन भूत, राहुल राठी, मनीष अग्रवाल, श्री आसोपा ,करण शर्मा, श्लोक गुप्ता ,दश जोशी ,श्लोक जोशी मिताशी, काव्यांश ,आरव व्यास दीनदयाल जांगिड़, ईशान सेवानी, अमित पारीक, अमर सींग पवार,दिनेश गांधी ,अवनीश गुप्ता, प्रकाश सेवानी ,चेतन देवीकर, मनीष शर्मा, निर्मल गौड़, श्याम सम्राट, दीपक सम्राट ,कामेश साहू, राजेश साहू पड्डा आदि अनेक सहित शहर के श्याम भक्तों की उत्साह पूर्ण उपस्थिति रही.





