विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले पुलिसकर्मी को 14 वर्ष की सजा

अलीबाग सत्र न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला, डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया

अलीबाग /दि.26- शादी का झांसा देकर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले एक पुलिसकर्मी को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है. अलिबाग सत्र न्यायालय ने आरोपी पुलिसकर्मी को 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है. दोषी पुलिसकर्मी का नाम नागेश पोपट गावडे बताया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना वर्ष 2013 से 2015 के बीच की है. आरोपी और पीड़िता दोनों ही पुलिस विभाग में कार्यरत थे. इसी दौरान दोनों की पहचान हुई. आरोपी नागेश गावडे ने पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाकर पीड़ित महिला से नजदीकियां बढ़ाईं और विवाह का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता की जानकारी के बिना उसकी आपत्तिजनक वीडियो भी बना ली और उसे वायरल करने की धमकी देकर कई बार जबरन दुष्कर्म किया. पीड़िता की शिकायत पर अलिबाग पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 354 (अ, ब, क), 420, 417, 323, 506 सहित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (ए)(ई) तथा 67 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आरोपपत्र अलिबाग जिला एवं सत्र न्यायालय में दाखिल किया गया. इस प्रकरण की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस. आर. तिवारी की अदालत में हुई. मामले में सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक कोमल राठोड़ ने प्रभावी पैरवी की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सरकारी पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी नागेश गावडे को दोषी ठहराया. अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना तथा धारा 376 (2)(एन) के तहत 14 वर्ष के सश्रम कारावास और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना सुनाया. अन्य धाराओं के तहत भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है. पुलिस विभाग के ही कर्मचारी को दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध में सजा सुनाए जाने से रायगढ़ पुलिस महकमे में खलबली मच गई है.

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