नीति परिवर्तन से सूर्यघर योजना को पलीता
रिनेवेबल एनर्जी एसो. का कहना

* बिजली कंपनी से पहले के समान नीति की मांग
अमरावती/दि.21 – ऑल इंडिया रिनेवेबल एनर्जी एसो. ने आज महाराष्ट्र की सरकारी बिजली कंपनी एमएसईडीसीएल के नीति परिवर्तन के कारण 50-60 प्रतिशत आवासीय सोलर उपभोक्ताओं पर गंभीर प्रभाव होने का दावा किया. आज दोपहर आयोजित पत्रकार परिषद में एसो. ने बिजली कंपनी से पहले की नीतियों को जारी रखने का आवाहन किया. एसो. के पदाधिकारियों ने पूरा विषय समझाकर बतलाया.
उन्होंने बताया कि, बिजली उपभोक्ताओं ने अपनी जरुरत के अनुसार कैपेसिटी के सोलर लगवाये. बिजली कंपनी ने वर्षभर की उनकी खपत का ऐवरेज का निकालकर सोलर पैनल का सुझाव दिया. अब उपभोक्ता की सोलर क्षमता को बिजली कंपनी पिछले 12 माह की औसत खपत के आधार पर सीमित कर रही है. इससे महाराष्ट्र में उपभोक्ताओं द्वारा बुक 60 प्रतिशत से अधिक ऑर्डर प्रभावित हो रहे है.
उन्होंने बताया कि, इच्छीत सोलर क्षमता की स्वीकृति नहीं मिलती है, तो उपभोक्ताओं की डिमांड्स पर बडा प्रभाव पडेगा. एसो. का कहना है कि, बिजली कंपनी एमएसईडीसीएल ने आज तक कोई नीति अथवा दस्तावेज की घोषणा जारी नहीं की है. परिवर्तन बिना किसी उद्योग परामर्श या आधिकारिक सूचना के सीधे पोर्टल पर लागू किया गया है.
उन्होंने बताया कि, सोलर पैनल लगाने के बाद कई घरों में एसी और अन्य उपकरण लगवाये जाते हैं. जिससे उनकी बिजली की खपत बढ जाती है. किंतु सरकारी बिजली कंपनी पिछले एक वर्ष के एवरेज के आधार पर सोलर पैनल की मंजूरी देते हैं. इससे उपभोक्ता का बिल बढने का डर बढा है.जबकि परिवार अपने जीवनशैली के घर और आकार के अनुसार अधिक क्षमता चाहता है. पत्रकार परिषद में विवेक यादव पाटिल, विक्रांत जोशी, आशी पेढे, विनय वैद्य, धीरेंद्र कानव, श्रीकांत तिखिले, शुभम डगवार, प्रतीक याउल, अतुल अनासाने आदि उपस्थित थे.





