राज्यसभा की 7 सीटों पर सियासी घमासान
भाजपा में ‘निष्ठावान बनाम आयाराम’ विवाद तेज, उम्मीदवारों को लेकर मंथन

मुंबई/दि.19 – देशभर में खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होते ही महाराष्ट्र की राजनीति गर्मा गई है. एप्रिल 2026 में कार्यकाल समाप्त होने वाले सदस्यों के स्थान पर होने वाले चुनाव में महाराष्ट्र की 7 सीटें सबसे अहम मानी जा रही हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों में रणनीति बैठकों का दौर तेज हो गया है.
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है. 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी, 9 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 16 मार्च सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर परिणाम घोषित किए जाएंगे.
महाराष्ट्र में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच भारतीय जनता पार्टी में दावेदारों की लंबी कतार लग गई है. सूत्रों के अनुसार संभावित नामों में रामदास आठवले तथा चंद्रशेखर बावनकुळे तावडे सहित पांच नामों पर चर्चा चल रही है. पार्टी के अंदर पुराने कार्यकर्ताओं का एक वर्ग नाराज बताया जा रहा है. उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में बाहर से आए नेताओं को राज्यसभा और विधान परिषद में अधिक अवसर मिले, जबकि लंबे समय से काम कर रहे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई. इस बार पहले निष्ठावान की मांग जोर पकड़ती दिख रही है, जिससे टिकट वितरण को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज होने की संभावना है.
महाराष्ट्र की सातों सीटों के परिणाम आने वाले महीनों की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं. संभावित क्रॉस-वोटिंग, सहयोगी दलों का रुख और दल-बदल की आशंका को देखते हुए यह चुनाव केवल औपचारिक नहीं बल्कि शक्ति-परीक्षण माना जा रहा है. आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होते ही सियासी मुकाबला और तेज होने के संकेत हैं.





