अभ्यासिका और चौडी सडक लक्ष्य

भावी महापौर आशीष अतकरे का कहना

* गडगडेश्वर प्रभाग-17 में प्रभावी और ठोस कार्य पर बल
* पहले भी बना चुके हैं उपयोगी अभ्यासिका
अमरावती/दि.26 – गडगडेश्वर प्रभाग-17 के दोबारा नगरसेवक निर्वाचित एवं बीजेपी द्वारा भावी महापौर नियुक्त किये जाने से युवा कार्यकर्ता आशीष अतकरे और उनके समर्थक खासे जोश में हैं. अतकरे ने अपने प्रभाग में ठोस और प्रभावी कार्य करने पर बल दिया है. अमरावती मंडल से खास चर्चा करते हुए अतकरे ने बताया कि, भावी पीढी के लिए अत्यंत उपयोगी ऐसी दो-तीन अभ्यासिका वे शुरु करने का मानस और प्राथमिकता रखते हैं. इसके पहले उन्होंने आनंद नगर में पुरानी जर्जर इमारत गिराकर वहां अभ्यासिका अर्थात पढने के लिए खास कक्ष तैयार किया, तो उनका रोज 50-60 विद्यार्थी मनोयोग से लाभ ले रहे हैं.
* अभ्यासिका की नितांत जरुरत
पेशे से प्राध्यापक और कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट संचालित करने वाले आशीष अतकरे ने बताया कि, वे 2017 में भी इस प्रभाग से नगरसेवक चुने गये थे. उस समय से उनका अपने प्रभाग और क्षेत्र में अध्ययन है. लोगों के यहां घर छोटे और कहीं कहीं तो एक-दो कमरों के होने से बच्चों को पढाई के लिए एकांत व वातावरण नहीं मिल पाता. इस पर गौर कर उन्होंने आनंद नगर में 55 लाख की लागत से अभ्यासिका बनवाई. जिसका सैकडों विद्यार्थी आज लाभ ले रहे है. आशीष अतकरे बताते है कि, जीवनमान उंचा उठाने उच्च शिक्षा आज समय की आवश्यकता हो गई है. अभ्यासिका अर्थात पढाई करने के लिए अधिकार का स्थान छात्र जीवन में बडा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है. इसके लिए वे मानते है कि, विस्तृत प्रभाग में दो-तीन और अभ्यासिका की आवश्यकता है.
* सडक चौडी करना है
भावी महापौर ने अपने ओहदे के अनुरुप काम सोच रखे हैं. उन्होंने बताया कि, भातकुली मार्ग पर यातायात काफी बढ गया है. जिससे यहां की ड्रीम पार्क के सामने वाली सडक को चौडा करना जरुरी हो गया है. किसी दिन दुर्घटना के बाद आंख खोले, उसके पहले ही यहां चौडी सडक के निर्माण हेतु वे प्रयत्न करेंगे. पिछले सत्र में भी वे नगरसेवक थे. जिससे अनुभव का लाभ लेते हुए प्रस्ताव बनाना, कार्य मंजूरी करना, आमसभा की स्वीकृति लेना और फंड जुटाना सभी प्रक्रिया से अवगत है. यह सभी करने का प्रयत्न बीजेपी के युवा नेता आशीष अतकरे ने बोलकर बताया.
* परिवार में माता-पिता, पत्नी, पुत्र
आशीष अतकरे सामान्य परिवार को बिलाँग करते हैं. उनके पिता बबनराव अतकरे सब्जी का ठेला लगाते थे. वहीं माताजी मालती अतकरे गृहिणी है. बडे भाई दिनेश अतकरे निजी शाला में कार्यरत है. पत्नी पायल और पुत्र अर्जुन है. अर्जुन कक्षा 6 वीं में पढ रहे हैं. अतकरे ने कहा कि, सामान्य परिवार से होने के कारण उन्हें युवाओं की उच्च शिक्षा के लिए फिक्र रहती है. उनके साथी युवा भी अपने एरिया के युवकों-युवतियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करते हैं. आवश्यक फंड के लिए शासकीय योजनाओं के लाभ दिलाने का भी प्रयत्न अतकरे मित्रमंडली करती है. बता दें कि, आशीष अतकरे हनुमान नगर से लेकर रवि नगर तक अपने कुछ खास कामों के कारण अत्यंत लोकप्रिय है. लोगों की मदद के समय दौडकर जाने की उनकी विशेषता बनी हुई है.

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