हतरू सर्कल के 11 गांवों में प्रहार की शाखा
मिनी मंत्रालय इलेक्शन के पहले बच्चू कडू एक्शन में

चिखलदरा/दि.24-प्रयोगशाला बने मेलघाट में समस्याओं के निदान हेतु शासन-प्रशासन की तरफ से हमेशा नए प्रयोग किए जाते रहे है. नए अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षित डॉक्टरों की नियुक्ति या नई-नई योजनाएं लाने के बावजूद समस्या जहां की वहां है. लोग प्रयोग कर करके चले गए. वैसे ही यहां राजनीतिक प्रयोग भी काफी होते है. यहां हमेशा नया नेता, नया पक्ष और नई उम्मीद लेकर आता है. यहां के आदिवासी अब उब गए है.
राजकीय नेताओं ने यहां की समस्याएं दूर करने प्रयत्न नहीं छोडे है. आंदोलनों के लिए प्रसिद्ध पूर्व विधायक बच्चू कडू ने एन्ट्री की है. कडू ने अपने प्रहार जनशक्ति पक्ष की हतरू सर्कल के 11 गांवों में शाखाएं शुरु की. प्रत्येक गांव में बोर्ड लगाकर प्रहार शाखा का उद्घाटन भी उन्होंने किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागी होकर ग्रामीणों से समस्याएं सुनी. जहां प्रहार की शाखा बनाई गई है उनमें गांगरखेडा, चुरणी, जारीदा, कारदा, कोहमी, दहीहद्री, मेहरीआम, तोरणवाडी आदि ग्रामों का समावेश है.
राहुल येवले और तहसील कांग्रेस अध्यक्ष सहदेव बेलकर के कारण उक्त एरिया कांग्रेस का गढ माना जाता है. ऐसे में प्रहार की यहां एन्ट्री दिलचस्प बताई जा रही है. बच्चू कडू कभी यहां मंत्री रहते अथवा प्रहार का पिछली बार विधायक रहने पर भी नहीं पधारे थे. शाखा खोलने और गांवों में पार्टी बढाने उन्होंने प्रयास नहीं किए थे, जिससे आगे की उनकी रणनीति क्या है? सहित अनेक प्रश्न उठाए जा रहे है.
प्रहार ने देरी से ही सही नरेंद्र टाले को तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया है. बच्चू का स्वयं मैदान में उतरना भविष्य की किसी बडी राजनीति को माना जा रहा है. आदिवासी समाज के हित में प्रहार क्या निर्णय और आंदोलन करता है, यह देखने वाली बात होगी. अभी तो कहा जा रहा है कि, क्षेत्र में बच्चू कडू के चाहने वाले बढने से कांग्रेस का सिरदर्द बढ सकता है. कार्यक्रम में बच्चू के साथ तहसील अध्यक्ष नरेंद्र टाले, पूर्व नगराध्यक्ष सतीश गौर, जगन शनवारे, संजू साकोम, रघुवीर सनवासे, रायपुर के सरपंच सहित सैकडों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.





