हिंदुत्व की रक्षा के लिए वोटों का विभाजन रोकें, अन्यथा शहर के भविष्य पर संकट

* विधायक डॉ. संजय कुटे की कड़ी चेतावनी
अमरावती/दि.10 – अमरावती महानगरपालिका चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि में भारतीय जनता युवा मोर्चा, अमरावती शहर जिला द्वारा कल गाडगे नगर में आयोजित युवा मोर्चा संवाद मेला केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम न रहकर, भाजपा का राजनीतिक रणनाद, हिंदुत्व की रक्षा का स्पष्ट संदेश और युवाओं की भूमिका का ठोस खाका बनकर सामने आया. हजारों युवाओं की उपस्थिति में आयोजित इस मेले से भाजपा ने एक स्पष्ट संदेश दिया-यह चुनाव केवल नगरसेवकों का नहीं, बल्कि अमरावती की पहचान, संस्कृति और आने वाली पीढ़ी के भविष्य का है.
गाडगे नगर में कल हुए भव्य संवाद मेले में राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक डॉ. संजय कुटे, अमरावती चुनाव प्रभारी, पूर्व सांसद नवनीत रवि राणा, प्रवीण पोटे पाटील, भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, किरण पातुरकर, एड. प्रशांत देशपांडे, सुनील खराटे, संजय तीरथकर, संजय अग्रवाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुधा तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित थे. भाजपा युवा मोर्चा अमरावती शहर जिला अध्यक्ष विक्की उर्फ विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सचिव हरीश साऊरकर, महामंत्री आकाश पाटिल, कीर्तिदीप सराफ, शुभ साहू, सुमित गुल्हाने, अश्विन राउत सहित भाजपा व युवा मोर्चा के जिला-शहर स्तरीय पदाधिकारी, विद्यार्थी आघाड़ी, मंडल अध्यक्ष, प्रभाग स्तरीय कार्यकर्ता और 700 से 800 युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे.

1988 की गैंग पॉलिटिक्स फिर सिर उठा रही है
इस मेले का सबसे चर्चित और राजनीतिक माहौल को गरमाने वाला भाषण विधायक डॉ. संजय कुटे का रहा. उन्होंने अमरावती के पुराने राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए वर्तमान हालात पर सीधा निशाना साधा.उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाला महानगरपालिका चुनाव कोई सामान्य चुनाव नहीं, बल्कि भविष्य तय करने वाली निर्णायक लड़ाई है.

अल्पसंख्यक महापौर का एजेंडा
डॉ. कुटे ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार व शरद पवार गुट) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, इन दलों ने अभी से तय करना शुरू कर दिया है कि महापौर कौन बनेगा. अल्पसंख्यक महापौर बैठाने का उनका एजेंडा अमरावती की हिंदुत्ववादी पहचान पर सीधा हमला है. उन्होंने आगे कहा,यहां बैठा कोई भी भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस या राष्ट्रवादी को वोट नहीं देगा, मुझे इसका पूरा विश्वास है. लेकिन असली खतरा वोटों के डिवीजन का है. अगर वोट बंटे, तो फायदा इन्हीं ताकतों को होगा.

युवा मोर्चा का आत्मविश्वास
युवाओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा-शरीफ हैं हम, किसी से लड़ते नहीं लेकिन जमाना जानता है, हम किसके बाप से डरते नहीं. यह आत्मविश्वास युवा मोर्चा के हर कार्यकर्ता के काम में दिखना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा.
* ‘भाजपा का विजय असो’ का गगनभेदी नारा
इस संवाद मेले में 700 से 800 युवाओं की उपस्थिति रही. कार्यक्रम के अंत में भारतीय जनता पार्टी का विजय असो, युवा मोर्चा जिंदाबाद के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा और माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया.मंच संचालन अमित कुलवंत ने किया. यह संवाद मेला अमरावती महानगरपालिका चुनाव 2026 के लिए भाजपा युवा मोर्चा का आधिकारिक रणघोष साबित हुआ. वोटों के विभाजन को रोकना, हिंदुत्व की रक्षा करना और भाजपा का महापौर बनाना- यही इस मेले से निकले स्पष्ट उद्देश्य हैं. युवाओं की ताकत, संगठन की अनुशासनबद्धता और नेतृत्व पर विश्वास के दम पर यह चुनाव भाजपा के लिए निर्णायक साबित होगा, ऐसा स्पष्ट संकेत इस आयोजन से मिला.

* उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
युवा मोर्चा के अनिकेत तारवानी, उमंग मांगा, अमित सोनरकर, साहिल शर्मा, तुषार मिश्रा, हर्ष पाली, रितेश नेभनानी, देव नेभनानी, रोहित खुराना, आलेख खंडेलवाल, पीयूष श्रीवास्तव, विशाल लोथे, सुलोचना जैसवाल, विवेक चावला, मनीष अदविकर, दुर्गेश सोलंके, श्रीकांत बिजवे, वैभव बेलसरे, श्रवण मेहरे, कपिल दुबे, निलेश शर्मा, आकाश गौड़, श्रीतेज धनोरकर, ऋषिकेश टेलकर, चिराग सालबार्ड, अमित काले, विद्यार्थी आघाड़ी अध्यक्ष आदित्य खैरकर, भाजपा युवा मोर्चा अमरावती शहर प्रसिद्धि प्रमुख मुकेश वासेवाय सहित शहाजी गायकवाड, किशोर मेश्राम, अभिजीत राऊत, वेदांत निशाण, राम गुप्ता, विनायक खेडकर, राम कुंभारकर, अथर्व पांडव, सुजल गुहे, आर्यन तायडे, दर्शन पुरकर, स्वरित ढवले, समीर झुंबाले आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

Back to top button