आंगनवाडी में दी जाएगी प्राथमिक शिक्षा, बुनियादी होगी मजबूत
शिक्षक सप्ताह में एक दिन स्कूल से आंगनवाडी जाएंगे

अमरावती/दि.3 –आंगनवाडी में बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए, अब जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षकों को अपने गृह नगर से अपने स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में स्थित आंगनवाडी में कम से कम एक दिन पढाने के लिए जाना होगा. इसके लिए सरकार ने एक नई शिक्षा नीति तैयार की है. इस नीति के अनुसार, आंगनवाडी सेविकाओं और प्राथमिक शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. साथ ही, आंगनवाडी सेविकाओं को शिक्षक का दर्जा भी दिया जाएगा.
आंगनवाडी बच्चों की शैक्षिक बुनियाद को मजबूत करने और प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढाने के उद्देश्य से, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए सप्ताह में एक दिन आंगनवाडी केंद्रों में जाकर आंगनवाडी सेविकों का मार्गदर्शन करने और बच्चों को पढाने के लिए एक शैक्षिक नीति तैयार की गई है. इससे आंगनवाडी बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और आंगनवाडी सेविकाओं को अपने शैक्षिक कार्य में शिक्षकों से सहायता भी मिलेगी.
* शिक्षा विभाग का पत्र
शिक्षा प्राधिकरण की सहायता से आंगनवाडी में बच्चों के लिए एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है. इस पाठ्यक्रम को पढानेे के लिए प्राथमिक शिक्षकों की सहायता की आवश्यकता होगी और शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को पत्र भेज दिया है.
* बालशिक्षा और संगोपन
इस पहल का उद्देश्य आंगनवाडी के बच्चों को विभिन्न स्कूली कार्यक्रमों में शामिल करके और उन्हें प्राथमिक विद्यालय का ज्ञान प्रदान करके उनकी शिक्षा की नींव को मजबूत करना है.
* सप्ताह में एक दिन देना होगा
जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सप्ताह में एक दिन एक किलोमीटर के दायरे में स्थित आंगनवाडी में पढ़ाएंगे.
* बच्चों की शिक्षा की बुनियाद मजबूत होगी
नई शिक्षा नीति के अनुसार, आंगनवाडी (पूर्व प्राथमिक) और कक्षा 1 को एक ही स्तर पर लाया जाएगा. इससे विद्यार्थियों की शिक्षा की बुनियाद मजबूत होगी. विशेष रूप से, आंगनवाडी में छोटे बच्चों को अगर पाठ्यक्रम पढाया जा रहा है.
* जिप के शिक्षकों को करना होगा अध्यापन
आंगनवाडी में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से परिचित कराने और उनकी प्राथमिक शिक्षा की नींव रखने के लिए, आंगनवाडी के बच्चों को जिला परिषद के प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा दी जानी आवश्यक होगी. प्राथमिक शिक्षक आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को उनके शैक्षिक कार्यों में सहायता करेंगे.
* संख्या में वृद्धि की संभावना
इस पहल के माध्यम से आंगनवाडी में बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद मजबूत होगी. इससे प्राथमिक विद्यालयों की संख्या बढाने में भी मदद मिलेगी.
* जिले में 2592 आंगनवाडी केंद्र
जिले के 14 तहसीलों में महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकार क्षेत्र में लगभग 2,592 आंगनवाडी केंद्र हैं. इनमें लगभग 50,000 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.
* बालशिक्षा और संगोपन
इस पहल का उद्देश्य आंगनवाडी के बच्चों को विभिन्न स्कूली कार्यक्रमों में शामिल करके और उन्हें प्राथमिक विद्यालय का ज्ञान प्रदान करके उनकी शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करना है.
सरकार के इस निर्णय से प्राथमिक शिक्षक आंगनवाडी सेविकाओं को शैक्षणिक कार्यों में सहायता करेंगे. इससे आंगनवाडी बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद मजबूत होगी.
-सतीश मुगल, शिक्षा अधिकारी
(प्राथमिक)





