शहर के समग्र व संतुलित विकास को दी जाएगी प्राथमिकता
स्वीकृत सदस्य के तौर पर निर्वाचन पश्चात बोले संपादक अनिल अग्रवाल

* सांसद वानखडे तथा पूर्व मंत्री एड. ठाकुर व डॉ. देशमुख के प्रति जताया आभार
* मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले व पार्षद बबलू शेखावत के साथ मिलकर काम करने की बात कही
अमरावती/दि.20- अमरावती महानगर पालिका में कांग्रेस की ओर से स्वीकृत पार्षद के तौर पर नामित किए गए दैनिक ‘अमरावती मंडल’ व ‘आपली मातृभूमि’ के संपादक अनिल अग्रवाल ने अपने निर्वाचन पश्चात अमरावती शहर के समग्र व संतुलित विकास पर जोर देने की बात कही. साथ ही खुद को मनपा में स्वीकृत पार्षद के तौर पर काम करने हेतु मौका देने के लिए जिले के कांग्रेसी सांसद बलवंत वानखडे, कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर एवं कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख के प्रति आभार ज्ञापित करने के साथ ही अमरावती मनपा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व महापौर विलास इंगोले तथा कांग्रेस शहराध्यक्ष व पार्षद बबलू शेखावत को अपने बडे भाई तुल्य बताते हुए उनके प्रति भी कृतज्ञता जताई.
स्वीकृत पार्षद निर्वाचित होने के उपरांत प्रस्तुत प्रतिनिधि के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए नवनिर्वाचित स्वीकृत पार्षद व संपादक अनिल अग्रवाल ने कहा कि, वे विगत करीब साढे तीन दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है और उन्हें अमरावती शहर एवं यहां के नागरिकों की समस्याओं व दिक्कतों का पूरा एहसास है. जिसके लिए बतौर पत्रकार उन्होंने समय-समय पर आवाज भी उठाई और कई समस्याओं को हल करते हुए कई दिक्कतों को दूर भी किया. इसके अलावा पत्रकारिता सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करते समय उनका सरकार एवं प्रशासन से भी समय-समय पर वास्ता पडता रहा. जिसके चलते उन्हें सरकारी विभागों एवं प्रशासनिक महकमों के साथ मिलकर काम करवाने का भी अच्छा-खासा अनुभव है. जिसका वे स्वीकृत पार्षद के तौर पर शहर के विकास व विस्तार के लिए निश्चित रुप से सार्थक उपयोग करेंगे.
इस बातचीत में स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने यह भी कहा कि, विगत कुछ वर्षों के दौरान अमरावती शहर की सीमाओं का तेजी के साथ विस्तार हुआ है तथा सीमावर्ती क्षेत्रों नई-नई रिहायशी बस्तियां विकसित हुई है. वहीं दूसरी ओर शहर के लगभग सभी नए व पुराने रिहायशी इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का काफी हद तक अभाव है. विशेष तौर पर खस्ताहाल सडकों, अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, अनियमित जलापूर्ति एवं साफ-सफाई की व्यवस्था का अभाव जैसी समस्याएं बनी हुई है. जिनकी ओर ध्यान देना उनकी पहली प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा. साथ ही साथ वे मनपा की शिक्षा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को भी चुस्त-दुरुस्त करने की ओर पूरा ध्यान देंगे.





