काम ही पूजा का जीवन मंत्र साधने वाले प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख

जन्मदिवस पर विशेष लेख

कुछ व्यक्तित्व केवल पदों से बडे नहीं होते, विचारों, कार्यशैली और समाज के प्रति दायित्व से उंचे उठते हैं. ऐसे ही बहुआयामी व्यक्तित्व प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख है. मराठी भाषा दिन के पावन दिवस पर जन्मे इस व्यक्तित्व ने विज्ञान, साहित्य और राजकारण तीनों क्षेत्रों में अपनी छाप छोडी है.
श्री शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय में संगणक विभाग प्रमुख के रुप में कार्य करते हुए उन्होंने सैकडों विद्यार्थियों को तकनीक की नई डगर बतलायी. विज्ञान की प्रगती और बदलती टेक्नॉलॉजी से विद्यार्थियों को भविष्याभिमुख शिक्षण देने तक उनका बल रहा. उनका लेखन और व्याख्यान प्रेरणादायी रहा है. विज्ञान से गहरा नाता रखने पर भी मराठी भाषा और साहित्य के प्रति उनकी आस्था उतनी ही प्रगल्भ है. कविवर्य कुसुमाग्रज की विचारधारा के अनुसार जिद, स्वाभिमान और आधार बनने की शिक्षा उनके व्यक्तित्व से परिलक्षित होती है. अपने संबोधनों में विषय के समीचीन स्पष्ट भूमिका और प्रभावी शब्दों का चयन उनकी साहित्यिक समझ एवं कुशल वक्ता के रुप में उन्हें स्थापित करती है. इन्हीं गुणों के आधार पर प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख आज अमरावती जिले में सर्वपरिचित बने हैं.
राजकीय क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांंग्रेस शरद पवार के शहर अध्यक्ष के रुप में प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख कार्यरत है. सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, समय का नियोजन और प्रामाणिकता पर उनका सदैव जोर रहा है. युवाओं को सकारात्मक राजकीय सहभाग हेतु वे पे्रेरित करते है. खेल क्षेत्र में भी उनका सक्रिय सहभाग है. नागपुर जिला क्रिकेट एसो. के सतत 14 वर्षों तक आपने काम किया और संगठन कौशल्य सिद्ध किया. विविध सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं में पदाधिकारी के रुप में भी उनका उल्लेखनीय योगदान कायम है.
साधा जीवन उच्च विचार और कर्म ही पूजा इस जीवन मंत्र को आत्मसात करने के कारण प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख संवेदनशील और राजकीय जवाबदारी का समन्वय साधने वाले व्यक्ति के रुप में पहचाने जाते हैं. आज उनके जन्मदिवस पर दीर्घायु और निरंतर सामाजिक कार्यों हेतु उर्जा मिले, यही ईश्वर से प्रार्थना है.
– प्रा. रत्नाकर शिरसाट,
लातूर.

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