सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत सहायता पहुंचाए
जिलाधिकारी आशीष येरेकर के निर्देश

अमरावती/दि.28 – सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के लिए कैशलेस उपचार सुविधा प्रदान की जाएगी. इसके लिए जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां के नजदीकी अस्पतालों को योजना में शामिल किया जाए तथा सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने दिए.
जिलाधिकारी कार्यालय में आज सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई. बैठक में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी उर्मिला पवार, कार्यकारी अभियंता प्रतीक गिरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी येरेकर ने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों के अनुसार ही लगाए जाएं, ताकि वाहन का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटनाएं न हों. केवल गति कम करने के लिए लगाए जाने वाले स्ट्रिप्स के कारण कई बार वाहन नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं. इसलिए गति अवरोधक बनाते समय तकनीकी पहलुओं की जांच कर ही कार्य किया जाए. उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक उपाय तुरंत किए जाएं. राज्य या राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने वाले मार्गों पर गति अवरोधक लगाए जाएं, जिससे इन मार्गों पर आने वाले वाहनों की गति नियंत्रित हो सके. साथ ही बसों के ठहराव के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित कर वहीं बसें रोकी जाएं.मोर्शी क्षेत्र में सड़क पर हुए अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा है, इसलिए ऐसे अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए. शिंगणापुर क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के भी आदेश दिए गए. इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी पोर्टल पर तुरंत दर्ज करने तथा सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत नागरिकों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विविध उपक्रम चलाने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए.




